Centre on Discrimination Against NE Citizens : अभी हाल फिलहाल में नॉर्थ ईस्ट के छात्रों के साथ हेट स्पीच और नस्लीय अपमान का मामला सामने आया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध भी हुए। अब इन घटनाओं को लेकर संसद में सवाल पूछे गए। इस पर केंद्र सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी कि पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ “हेट स्पीच, नस्लीय अपमान, उत्पीड़न और भेदभाव” से जुड़ी घटनाओं का कोई केंद्रीकृत डेटा नहीं रखा जाता है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े मामले राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। केंद्र का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को लेकर वह समय-समय पर राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करता रहता है।
Question Raised in Lok Sabha: लोकसभा में पूछे गए सवाल का जवाब

लोकसभा में असम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि अपराधों की रोकथाम, उनका पता लगाना, मामलों का पंजीकरण, जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है।
उन्होंने कहा, “पुलिस और ‘सार्वजनिक व्यवस्था’ संविधान की 7वीं अनुसूची के तहत राज्य के विषय हैं. राज्य सरकारें अपने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के जरिए अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, रजिस्ट्रेशन करने और जांच करने, और अपराधियों पर केस चलाने के लिए जिम्मेदार हैं.”
एनसीआरबी रिपोर्ट में होते हैं अपराध के आंकड़े
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त अपराध संबंधी आंकड़ों को अपनी “क्राइम इन इंडिया” रिपोर्ट में संकलित कर प्रकाशित करता है, जिसमें वर्ष 2023 तक के आंकड़े शामिल हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, “पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ हेट स्पीच, नस्लीय टिप्पणी, उत्पीड़न और भेदभाव की घटनाओं पर आंकड़ें केंद्रीय रूप से नहीं रखे जाते हैं.”
कानून में कार्रवाई के पर्याप्त प्रावधान
सरकार का कहना है कि मौजूदा कानूनी प्रावधान ऐसे किसी भी कृत्य के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त हैं, जिनमें हेट कमेंट्स, आपत्तिजनक इशारे या नस्लीय व्यवहार शामिल हैं। इनमें पूर्वोत्तर के लोगों को निशाना बनाकर की जाने वाली घटनाएं भी आती हैं।
Centre on Discrimination Against NE Citizens: सुरक्षा और शिकायत निवारण के लिए उठाए गए कदम

गृह मंत्रालय ने इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह जारी करना, शिकायतों के निपटारे के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को संवेदनशील बनाने जैसे उपाय शामिल हैं।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष पुलिस इकाई (Special Police Unit for North East Region, SPUNER) भी बनाई गई है। इसके साथ ही हेल्पलाइन और ई-मेल आईडी जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं, ताकि शिकायत दर्ज कराने और पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने में आसानी हो सके।
निगरानी समिति भी करती है समीक्षा

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित तीन सदस्यीय निगरानी समिति देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े नस्लीय भेदभाव और शिकायत निवारण के मामलों की नियमित समीक्षा करती रहती है।
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