- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व झामुमों नेता चंपई सोरेन हुए भाजपा में शामिल
- झारखंड चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुए शामिल
- चंपई ने कहा- ‘वे भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं और नए झारखंड के निर्माण का संकल्प लेकर आए हैं’
रांची के धुर्वा स्थित शहीद मैदान में आयोजित एक बड़ी जनसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री और झारखंड भाजपा के चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान, चुनाव सह प्रभारी एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनका पार्टी में स्वागत किया। इसके पहले चंपई सोरेन ने कहा कि वह झारखंड के नवनिर्माण का संकल्प लेकर भारतीय जनता पार्टी में आए हैं।
चंपई सोरेन उन नेताओं में शामिल जिनके बदौलत अलग झारखंड बना- शिवराज सिंह चौहान
चंपई सोरेन के साथ उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन और सरायकेला-खरसावां जिला परिषद के अध्यक्ष तथा पार्टी के कद्दावर नेता सोनाराम बोदरा सहित कई लोग भाजपा में शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चंपई सोरेन उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जिनके संघर्षों की बदौलत अलग झारखंड का निर्माण हुआ। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ऐसे नेता को अपमानित किया है। अब वे भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं और नए झारखंड के निर्माण का संकल्प लेकर आए हैं।
सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद से ही थे नाराज
बता दें कि चंपई सोरेन ने 18 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर झामुमो से अलग नया अध्याय शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने लिखा था कि राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए झामुमो में उनका अपमान किया गया। उनसे जिस तरह सीएम पद से इस्तीफा लिया गया, वह बेहद अपमानजनक था।
चंपई सोरेन: झामुमो के एक प्रमुख नेता से भाजपा में शामिल होने तक का सफर
‘कोल्हान टाइगर’ के नाम से लोकप्रिय चंपई सोरेन का झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के एक प्रमुख नेता से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने तक का सफर कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। किसी समय झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के करीबी सहयोगी रहे चंपई सोरेन को अब झारखंड के आदिवासी क्षेत्र में पैर जमाने के भाजपा के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कुल मतदाताओं में से लगभग 26 प्रतिशत अनुसूचित जनजातियों से हैं।


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