Detained होने के बाद Dhruv Rathee की Press Conference! CJP, Passport और गिरफ्तारी पर दिए चौंकाने वाले बयान

Summary :

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी हाल ही में जर्मनी से भारत आए थे। वे 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की ओर से आयोजित उस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए थे, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जा रही थी; लेकिन वे कार्यक्रम स्थल तक पहुंच पाते, उससे पहले ही उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया। नजरबंदी से रिहा होने के बाद राठी ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चौंकाने वाले बयान दिए। उन्होंने कहा, “जब मैं सो रहा था, तब उन्होंने सचमुच…

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी हाल ही में जर्मनी से भारत आए थे। वे 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की ओर से आयोजित उस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए थे, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जा रही थी; लेकिन वे कार्यक्रम स्थल तक पहुंच पाते, उससे पहले ही उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया। नजरबंदी से रिहा होने के बाद राठी ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चौंकाने वाले बयान दिए। उन्होंने कहा, “जब मैं सो रहा था, तब उन्होंने सचमुच मुझे मेरे ही घर से अगवा करने के लिए गुंडे भेजे।”

ध्रुव राठी ने PC में क्या-क्या कहा?

राठी को दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में ले लिया। इसके बाद कई घंटों तक राठी की कोई खबर सामने नहीं आई। कुछ घंटों बाद राठी हिरसात से बाहर आए और उन्होंने मीडिया के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की और CJP को लेकर भी चौंकाने वाला बयान दिया। ध्रुव राठी ने अपनी राष्ट्रीयता को लेकर उठ रहे सवालों पर कैमरे के सामने भारतीय पासपोर्ट दिखाकर जवाब दिया।

हिरसात को लेकर ये क्या बोल गए राठी?

उन्होंने मीडिया पर अपनी नागरिकता को लेकर अफ़वाहें फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह एक भारतीय नागरिक हैं और उन्हें भी दूसरे नागरिकों की तरह ही अधिकार प्राप्त हैं। ध्रुव राठी ने अपनी हिरासत को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आगे कहा, शनिवार सुबह करीब 7 बजे जब वह सो रहे थे तभी, सादे कपड़ों में लगभग 20 लोग उनके घर में घुसे और उन्हें अपने साथ ले गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया और लगभग 22-23 घंटों तक उन्हें अपने वकील से संपर्क करने या फोन यूज करने की इजाजत नहीं दी गई।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।