पश्चिम बंगाल के जाली नोट गिरोह में शामिल व्यक्ति को पांच साल कैद की सजा

Summary :

Fake Currency: पश्चिम बंगाल में भारतीय मुद्रा के उच्च गुवावत्ता के जाली नोट चलाने के एक प्रमुख आरोपी को यहां की विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत ने पांच साल कठोर कैद की सजा सुनाई। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। जाली नोट के कारोबार में लिप्त आरोपी को एनआईए ने सुनाई सजा पांच साल की कठोर सजा के साथ, 5000 का जुर्माना   राज्य के मालदा में गोपालगंज इलाके के निवासी फैजुल एसके पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बयान में कहा गया है कि राशि जमा करने में विफल रहने पर…

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Fake Currency: पश्चिम बंगाल में भारतीय मुद्रा के उच्च गुवावत्ता के जाली नोट चलाने के एक प्रमुख आरोपी को यहां की विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत ने पांच साल कठोर कैद की सजा सुनाई। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।

  • जाली नोट के कारोबार में लिप्त आरोपी को एनआईए ने सुनाई सजा
  • पांच साल की कठोर सजा के साथ, 5000 का जुर्माना

 

राज्य के मालदा में गोपालगंज इलाके के निवासी फैजुल एसके पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बयान में कहा गया है कि राशि जमा करने में विफल रहने पर तीन महीने की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी।

एक बांग्लादेश के नागरिक समेत तीन आरोपी के खिलाफ जारी है जांच

एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एक फरार बांग्लादेशी नागरिक समेत तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी है। फैजुल को जाली नोट की जब्ती से संबंधित 2019 के एक मामले में शामिल पाया गया था। यह जब्ती 16 सितंबर, 2019 को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा की गई थी, जिसमें 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग के 99 जाली नोट और 500 रुपये के मूल्यवर्ग के दो जाली नोट बरामद किए गए थे। यह मुद्रा असीम सरकार नामक व्यक्ति के कब्जे से बरामद की गई, जिसे हिरासत में ले लिया गया।

एनआईए ने इस मामले की जांच अक्टूबर 2019 में संभाली। इसके बाद फैजुल एसके को एक अन्य आरोपी अलादु उर्फ ​​​​माताहुर के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। चौथा आरोपी बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल रहीम फरार है।

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Desk News