पश्चिम बंगाल : तीस्ता नदी पर 1175.59 करोड़ की पुल परियोजना को मंजूरी, सीएम ने केंद्र का जताया आभार

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कोलकाता, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को तीस्ता नदी पर 1,175.59 करोड़ रुपए की लागत वाले एक अहम पुल प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है। तीस्ता नदी पर बनने वाला छह-लेन का पुल 6.91 किलोमीटर लंबा होगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल के लोगों की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने सेवोक में तीस्ता नदी पर 6.91 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले पुल के…

कोलकाता, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को तीस्ता नदी पर 1,175.59 करोड़ रुपए की लागत वाले एक अहम पुल प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है।

तीस्ता नदी पर बनने वाला छह-लेन का पुल 6.91 किलोमीटर लंबा होगा।

मुख्यमंत्री सुवेंदु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल के लोगों की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने सेवोक में तीस्ता नदी पर 6.91 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले पुल के लिए 1,175.59 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।”

अपने बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (जिसे अक्सर ‘चिकन नेक सेक्टर’ कहा जाता है) रणनीतिक रूप से अहम है। साथ ही, इलाके की भौगोलिक और पर्यावरणीय जरूरतों को देखते हुए तीस्ता नदी पर एक मजबूत और ज्यादा क्षमता वाले पुल की जरूरत थी।

उनके अनुसार, नेशनल हाईवे-10 के अपग्रेड होने से यात्रियों और सामान की आवाजाही आसान होगी और उत्तर बंगाल, सिक्किम और पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए क्षेत्रीय सप्लाई चेन मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इस सहकारी संघीय प्रयास की सराहना करते हैं और इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए हर जरूरी जमीनी मदद देने के अपने वादे को दोहराते हैं।”

तीस्ता नदी पर पुल बनाने का यह प्रोजेक्ट काफी समय से पाइपलाइन में था। उम्मीद है कि यह ऐतिहासिक कोरोनेशन ब्रिज (जो 1941 में बना था) के विकल्प के तौर पर काम करेगा।

जब से पश्चिम बंगाल में नई राज्य सरकार आई है, प्रशासन उत्तर बंगाल में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए बहुत सक्रिय रहा है क्योंकि लंबे समय से इस इलाके को नजरअंदाज किया गया था।

राज्य कैबिनेट के एक सदस्य ने कहा कि सरकार उत्तर बंगाल में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रही है। राज्य कैबिनेट के एक सदस्य ने कहा, “हमारा मकसद ‘ट्रिपल टी’ यानी ‘चाय, लकड़ी और पर्यटन’ सेक्टर को बढ़ावा देकर उत्तर बंगाल का आर्थिक विकास करना है। इसके लिए, इस इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास बहुत जरूरी है। इस दिशा में यह पुल प्रोजेक्ट एक अहम पड़ाव है।”

–आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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IANS Agency

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