स्मार्टफोन निर्यात में भारत का दबदबा, 18 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार

Summary :

भारत का स्मार्टफोन निर्यात 18 बिलियन डॉलर के पार

भारत ने स्मार्टफोन निर्यात में 18 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है। भारतीय मुद्रा में यह आकड़ा 2 लाख करोड़ रुपये है। सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अनुसार, यह निर्यात सालाना आधार पर 55 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। भारतीय मुद्रा में यह आंकड़ा 2 लाख करोड़ रूपये बताए गए हैं। इससे सालाना आधार पर देखा जाए तो 55 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

स्मार्टफोन निर्यात में भारत ने इतिहास रच दिया है। भारत की तरफ से निर्यात होने वाले स्मार्टफोन सबसे बड़ी कमोडिटी बन गई है। इसकी जानकारी सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन की तरफ से दी गई है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अब तक सबसे ज्यादा रूपये के स्मार्टफोन का निर्यात किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने अब तक 18 बिलियन डॉलर का आकड़ा पार कर लिया है। भारतीय मुद्रा में यह अकड़ा 2 लाख करोड़ रूपये बताए गए हैं। इससे सालाना आधार पर देखा जाए तो 55 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

2025 में रचा इतिहास

पिछले साल के मुकाबले साल 2025 में स्मार्टफोन निर्यात में बढ़ोतरी देखने को मिली है। अब यह अकड़ा 5,25,000 करोड़ रूपये पहुंच गया है। साल 2024 में यह आंकड़ा 4,22,000 करोड़ रूपये था। ICA चेयरमैन ने कहा,”यह आंकड़ा भारत में बढ़ते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की क्षमता को दिखाता है। मोदी सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्किम इस बदलाव में मुख्य भूमिका निभाई है। दुनिया में इसे एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनने में मदद मिलेगी।

बड़ी कंपनिया कर रही मदद

इस योजना ने पर्याप्त वैश्विक निवेश आकर्षित किया है, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी है तथा देश की वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (जीवीसी) में विस्तार करने और गहराई से एकीकृत होने की क्षमता बढ़ी है। एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनी इसके मैन्युफैक्चरिंग में तेजी लाने के लिए मदद कर रही है। हालांकि एक तरफ ट्रंप के टैरिफ की वजह से चीन समेत अन्य देशों में घमासान मचा हुआ है वहीं भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में यह एक रणनीतिक अवसर साबित हो रहा है।

मजबूत पाटर्नर बनाने की तैयारी

ICA चेयरमैन ने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य भारत को सभी बड़े ग्लोबल मार्केट में मजबूत पाटर्नर के रूप में बनाना है। दुनिया को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारत को एक स्वाभाविक और रणनीतिक ऑप्शन के तौर में देखना चाहिए।”

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।