विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस में 2 नए भारतीय वाणिज्य दूतावासों का किया उद्घाटन, बोले- ‘दोनों देशों में द्विपक्षीय संबंध होंगे गहरे’

Summary :

India-Russia: रूस में दो नए भारतीय महावाणिज्य दूतावास की शुरुआत हुई है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस दौरे पर येकातेरिनबर्ग और कजान में भारतीय महावाणिज्य दूतावासों के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंध गहरे होंगे और दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया चरण शुरू होगा। विदेश मंत्री ने कहा, यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हम इस देश में दो और महावाणिज्य दूतावास खोल रहे हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि पिछले कुछ महीनों से, इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना के लिए निरंतर कार्य चल रहा है,…

India-Russia: रूस में दो नए भारतीय महावाणिज्य दूतावास की शुरुआत हुई है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस दौरे पर येकातेरिनबर्ग और कजान में भारतीय महावाणिज्य दूतावासों के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंध गहरे होंगे और दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया चरण शुरू होगा। विदेश मंत्री ने कहा, यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हम इस देश में दो और महावाणिज्य दूतावास खोल रहे हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि पिछले कुछ महीनों से, इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना के लिए निरंतर कार्य चल रहा है, जैसा कि आपने राजदूत से जल्द से जल्द सुना।

कार्यक्रम में रूस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

इस कार्यक्रम में रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको, रूस में भारतीय राजदूत विनय कुमार, कजान और येकातेरिनबर्ग में गवर्नर ऑफिस के प्रतिनिधि, रूसी सरकार के अधिकारी और भारतीय समुदाय के कई सदस्य शामिल हुए। विदेश मंत्री ने रूसी सरकार के समर्थन की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने उप विदेश मंत्री रुडेंको के साथ-साथ तातारस्तान गणराज्य और स्वेर्दलोव्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र की क्षेत्रीय सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

India-Russia (Source: Social Media)
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India-Russia: दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग मजबूत

येकातेरिनबर्ग को लेकर विदेश मंत्री ने कहा, इस क्षेत्र को अक्सर इसके औद्योगिक महत्व के कारण रूस की तीसरी राजधानी कहा जाता है। यह क्षेत्र भारी इंजीनियरिंग, रत्न-कटाई, रक्षा निर्माण, धातु कर्म, परमाणु ईंधन, रसायन और चिकित्सा उपकरणों का भी केंद्र है। यह साइबेरिया का प्रवेश द्वार है। दूतावास को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि यह रूस के सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंचों में से एक, इन्नोप्रोम की मेजबानी करता है। इस वाणिज्य दूतावास के खुलने से भारतीय और रूसी उद्योगों के बीच तकनीकी, वैज्ञानिक, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

India-Russia: भारतीय विदेश मंत्री ने कजान शहर की सराहना की

उन्होंने आगे कहा, कजान रूस के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शहरों में से एक है। मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के बाद, मुझे खुद वहां जाने का सौभाग्य मिला, और इसकी वजह भी यही है कि यह क्षेत्र एक बहुसांस्कृतिक और बहु-जातीय केंद्र है। रूस और शेष एशिया के बीच सेतु का काम करता है। भारत के विदेश मंत्री ने बताया कि यह वाणिज्य दूतावास अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आईटीईसी भागीदारी को प्रोत्साहित करके लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगा। कजान अपने तेल उत्पादन और उर्वरकों, ऑटोमोबाइल, रक्षा, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और विद्युत उपकरणों के शोधन के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर  ने मॉस्को में भारतीय नागरिकों से भी मुलाकात की।

India-Russia (Source: Social Media)
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Rahul Kumar Rawat