नयी दिल्ली : देश के शीर्ष वकीलों में शामिल हरीश साल्वे ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में भारत की ओर से मुकदमा लडऩे के लिए फीस के रूप में मात्र एक रुपया लिया है। पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जाधव को मृत्युदंड सुनाया है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक ट्विटर यूजर संजीव गोयल के एक ट्वीट के जवाब में यह जानकारी दी। गोयल ने कहा था कि साल्वे ने मुकदमा लडऩे के लिए जो फीस ली होगी, भारत उससे बहुत कम फीस पर अच्छा वकील चुन सकता था। सुषमा ने कहा, ”यह सही नहीं है। हरीश साल्वे ने इस मामले में फीस के तौर पर हमसे सिर्फ एक रुपया लिया।” आईसीजे भारतीय नागरिक जाधव के मामले की सुनवाई कर रहा है। साल्वे इस मुकदमे में भारत के मुख्य वकील हैं।
भारत ने आईसीजे में याचिका दायर करके अपील की है कि वह जाधव के मृत्युदंड पर तत्काल रोक लगाए। भारत ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई से पहले ही जाधव को फांसी पर लटका सकता है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि जाधव भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड अनैलिसिस विंग (रॉ) का एजेंट है। भारत ने जाधव के सरकार के साथ किसी प्रकार के संबंधों से इनकार किया है। आईसीजे ने कल भारत एवं पाकिस्तान दोनों की दलीलें सुनीं।
भारत मौत की सजा सुनाए जाने के खिलाफ आठ मई को आईसीजे पहुंचा था और उसने पाकिस्तान पर वियना समझौता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। भारत ने अपनी याचिका में कहा है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया जहां वह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्ति के बाद कारोबार कर रहा था।
(भाषा)


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