जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र को लेकर नेताओं ने जताई उम्मीदें

Summary :

श्रीनगर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा और सिविल सचिवालय के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विधानसभा पहुंचे भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने कार्यवाही पर अपनी बात रखी। एनसी विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने कहा, “अगर राज्य का दर्जा मिल जाए, तो यहां के सभी मुद्दे हल हो जाएंगे। राज्य का दर्जा मिलने से ही हालात बदलेंगे, क्योंकि हमारे सभी लोकल रेवेन्यू सोर्स भारत सरकार के पास चले गए हैं। जब तक वे वापस नहीं आते, हमारे पास यहां कौन से सोर्स हैं? हमारा सारा जीएसटी, जिसे हम ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहते हैं,…

श्रीनगर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा और सिविल सचिवालय के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विधानसभा पहुंचे भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने कार्यवाही पर अपनी बात रखी।

एनसी विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने कहा, “अगर राज्य का दर्जा मिल जाए, तो यहां के सभी मुद्दे हल हो जाएंगे। राज्य का दर्जा मिलने से ही हालात बदलेंगे, क्योंकि हमारे सभी लोकल रेवेन्यू सोर्स भारत सरकार के पास चले गए हैं। जब तक वे वापस नहीं आते, हमारे पास यहां कौन से सोर्स हैं? हमारा सारा जीएसटी, जिसे हम ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहते हैं, वहीं चला गया है। भाजपा ने यहां ऐसा किया। भाजपा और पीडीपी ने मिलकर ऐसा किया। हमारे मुद्दे विकास से जुड़े हैं। विकास हो रहा है और विकास के मामले में हम काफी आगे हैं। हर क्षेत्र में प्रगति हो रही है।”

विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों को विधानसभा सत्र और सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और हम इस सत्र को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं।”

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने आईएएनएस से कहा, “विधानसभा लोगों के मुद्दों और उनके समाधान के लिए होती है। हमें यही उम्मीद है। हालांकि, सत्र बहुत छोटा रखा गया है और हमने स्पीकर से अनुरोध किया है कि या तो इसे बढ़ाया जाए या फिर दोहरी बैठकें (डबल सिटिंग) आयोजित की जाएं।”

भाजपा विधायक सुरजीत सिंह सलाथिया ने कहा, “आज छोटा सत्र है। मेरे हिसाब से यह लगभग एक हफ़्ते तक चलेगा। इसलिए, हम अभी अंदर जाएंगे और देखेंगे कि हालात क्या रहते हैं। चूंकि कोई बहुत बड़ा काम नहीं करना है, इसलिए हम निश्चित रूप से लोगों के सवालों, उनकी मुश्किलों और जिन मुद्दों का वे सामना कर रहे हैं, उन पर चर्चा करेंगे।”

एनसी विधायक जावेद बेग ने कहा, “शासन से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा होगी। कई बिलों और प्रस्तावों पर चर्चा होगी, और विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों पर भी बात होगी। मुझे उम्मीद है कि सरकार इस सत्र को बहुत गंभीरता से ले रही है, जैसा कि हमने पहले किया है और पिछली सरकारों ने भी किया है।”

पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान पारा ने कहा, “इस विधानसभा में जम्मू-कश्मीर के युवाओं का मुद्दा सबसे अहम होना चाहिए, क्योंकि वे यहां की आबादी का लगभग 70 फीसदी हिस्सा हैं। अभी जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को लेकर युवाओं को जिन समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है—खासकर ओपन मेरिट वाले छात्र, पढ़े-लिखे और काबिल युवा जो दिन-रात मेहनत करके एमबीबीएस , डॉक्टरेट, इंजीनियरिंग या अलग-अलग परीक्षाओं में सफल होते हैं, उनके लिए दिक्कत यह है कि उन्हें नौकरियां नहीं मिल पातीं क्योंकि पद आरक्षित श्रेणियों के तहत आवंटित कर दिए जाते हैं।”

–आईएएनएस

ओपी/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.