रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार शोषणमुक्त और पलायनमुक्त झारखंड बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सेवा भारती जैसे कई संगठन गांव-गांव में चुपचाप तरीके से सेवा कार्य कर रहे हैं। साधु-संत, सामाजिक संस्थाएं गरीब की मदद कर रहे हैं। लेकिन मार्केटिंग नहीं करते हैं। वहीं कुछ संस्थाएं काम कम करती हैं और ढिंढोरा ज्यादा पीटती हैं। ऐसी संस्थाओं से हमें बचकर रहना होगा। सेवा-संस्कार हमारे खून में है। हमें किसी से सीखने की जरूरत नहीं है।
उक्त बातें उन्होंने सेवा भारती के सामूहिक लगन महोत्सव के उद्घाटन के बाद कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलेपमेंट के माध्यम से सरकार गांव-गांव में लोगों को स्किल्ड कर उन्हें रोजगार से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रमों से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को काफी सहारा मिलता है। उन्हें भी अपने बच्चों की सम्मान के साथ शादी करने का अवसर मिलता है।साथ ही फिजुलखर्ची भी नहीं होती है।
राज्य सरकार ने फैसला किया है कि ऐसे सामूहिक आयोजन करनेवाली संस्थाओं को प्रति जोड़े 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। इससे गांव-गांव तक लोग सामूहिक विवाह आयोजनों के लि, प्रोत्साहित होंगे। इसे जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। आज 76 जोड़ों का विवाह हो रहा है। इस प्रकार आयोजकों को प्रति जोड़े दो-दो हजार रुपये को सहायता दी जायेगी। वहीं नवदंपत्तियों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 30-30 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी। इसमें सेवा भारती सहयोग करे।
उन्होंने कहा कि कन्यादान को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन आज के समय में कन्यादान से पहले विद्यादान जरूरी है। लड़कियों को जरूर पढ़ाये। शिक्षा से ही गरीबी को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, राष्ट्रीय सेवा भारती न्यास के सदस्य गुरुशरण प्रसाद, सेवा भारती झारखंड के अध्यक्ष ओमप्रकाश केजरीवाल, सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह, सेवा भारती के महानगर अध्यक्ष गिरीश मल्होत्रा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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