केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के लोकतंत्र-विरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष रहेगा जारी : इंडिया ब्लॉक

Summary :

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंडिया ब्लॉक द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, राहुल गांधी की चाय पार्टी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर विपक्ष ने प्रतिक्रियाएं दी। विपक्षी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के लोकतंत्र-विरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। सीपीआईएम सांसद वी. शिवदासन ने राहुल गांधी द्वारा अपने घर पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं को चाय पर बुलाने पर कहा, “केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के लोकतंत्र-विरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। आज शाम हम इस पर चर्चा करेंगे और आगे की योजना बनाएंगे, जिसके आधार…

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंडिया ब्लॉक द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, राहुल गांधी की चाय पार्टी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर विपक्ष ने प्रतिक्रियाएं दी। विपक्षी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के लोकतंत्र-विरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

सीपीआईएम सांसद वी. शिवदासन ने राहुल गांधी द्वारा अपने घर पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं को चाय पर बुलाने पर कहा, “केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के लोकतंत्र-विरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। आज शाम हम इस पर चर्चा करेंगे और आगे की योजना बनाएंगे, जिसके आधार पर पूरे भारत में एक बड़ा सामूहिक जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा। भाजपा और आरएसएस लगातार लोगों के मौजूदा संघर्ष पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने संघर्ष कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया है। संघर्ष कर रहे लोग बिना किसी हथियार के हैं, जबकि पुलिस बल अपनी पूरी ताकत और हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। छात्रों और युवाओं पर बेरहमी से हमले किए जा रहे हैं, आंदोलन के नेताओं और अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोगों को भी हिरासत में लिया जा रहा है। अब वे जेल जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें जाल, ताले, शीशे वगैरह सब कुछ है, और पुलिस छात्रों के खिलाफ अपने हथियारों का भी इस्तेमाल कर रही है।”

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पर कहा, “कल जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। भारत सड़कों पर उतर आया। लोग अपने वोटिंग के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे। यह लोकतंत्र के लिए एक पुकार थी। यह सिर्फ किसी एक राजनीतिक पार्टी की बात नहीं है, यह आम आदमी, असली लोग, लोकतंत्र की असली ताकत सड़कों पर थे।”

राहुल गांधी द्वारा आज विपक्षी नेताओं को चाय पर बुलाए जाने पर माथेर ने कहा, “हम अलग-अलग स्तरों पर बैठकें कर रहे हैं और अपनी रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं। हर पल और हर दिन बहुत अहम है। हम देख रहे हैं कि कैसे प्रदर्शनकारियों, वहां जमा हुए आम लोगों के साथ गुंडे जैसा बर्ताव कर रहे हैं और पत्रकारों तक को गिरफ्तार किया जा रहा है। इन हालातों को देखते हुए गंभीर सोच-विचार और चर्चा की जरूरत है, क्योंकि इसी प्रक्रिया से हमारी आगे की दिशा तय होगी।”

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने को लेकर कहा, “कल के जनसैलाब को देखकर भारतीय जनता पार्टी के पैरों तले जमीन खिसक गई है और इस प्रकार के आरोप लगा रही है।”

सुखदेव भगत ने केरल विधानसभा में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर प्रस्ताव पारित किए जाने पर कहा, “केवल ज्ञानेश कुमार की बात नहीं है, ज्ञानेश कुमार जिस पद पर हैं, उस पद के साथ उन्होंने अन्याय किया है। उस पद के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है और अगर हम संस्थागत जवाब चाहेंगे, तो किनसे जवाब चाहेंगे?”

सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “आज हम लोग 4 बजे वहां सुनहरी बाग में उनके आवास पर मिलेंगे। फिर उनका जो निर्देश होगा, उसके अनुसार आगे हम लोग कार्रवाई और कार्य करेंगे।”

सपा सांसद बीरेंद्र सिंह ने राहुल गांधी द्वारा विपक्षी नेताओं को अपने घर चाय पर बुलाने को लेकर कहा, “इंडिया ब्लॉक की सारी रणनीति तय होती है और उसके बाद क्या कार्यक्रम होगा, उसी समय खुलासा होता है।”

उन्होंने इंडिया ब्लॉक द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर कहा, “हमारी यह याचिका थी कि हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएं और उनके सामने अपनी मांगों को रखें। कुछ बिंदुओं पर हमें आपत्ति थी, उसको लेकर याचिका दायर की गई है।”

कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध ने कहा, “कल पूरे विपक्ष के सभी नेताओं को राहुल गांधी के नेतृत्व में चीफ जस्टिस से मिलने जाना था। हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे, तो सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि आप रिट के माध्यम से आइए, तो हमारी पार्टियों और सभी विपक्षी दलों के लगभग दस-ग्यारह नेताओं ने अपनी रिट याचिकाएं दायर कर दी हैं।”

सांसद कर्मवीर बौद्ध ने कहा, “देश की डेमोक्रेसी और देश के संविधान को बचाने के लिए आज केवल कांग्रेस पार्टी ही नहीं, राहुल गांधी के नेतृत्व में तमाम विपक्ष के सभी नेता पिछले पांच दिन से संगठित हैं। जो संवैधानिक रास्ते होते हैं, उनको अपनाते हुए अपनी बात को संवैधानिक तरीके से कहते हुए, चाहे वो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने की बात हो, चाहे राष्ट्रपति से बात हो, चाहे देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने की बात हो, यानी तमाम रास्ते हम अपना रहे हैं। जिस प्रकार से राहुल गांधी ने भी कहा है कि ज्ञानेश कुमार एक मोहरा हैं, उनको पूरी तरह डरा दिया गया है, उनको पूरी तरह सरकार के हथकंडों में काबू कर लिया गया है, इसलिए वो किसी भी बात का जवाब नहीं देते।”

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राहुल गांधी के ‘शिव की बारात’ वाले बयान पर कहा, “उन्होंने इस भाव से कहा कि ये आंदोलन देश के लिए है और जनता को मताधिकार का प्रयोग करने से जो रोका है, ये उसी के लिए है। इसलिए उन्होंने कहा कि शिव की बारात है, जिनको शामिल होना है, वो शामिल हों।”

जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटाने पर कहा, ” एनडीए और भाजपा के लोग भयभीत हैं। देश की जनता से डर गए हैं। जंतर-मंतर पहले से निर्धारित जगह थी कि वहीं पर प्रदर्शन करना है। वो देख रहे हैं कि यहां काफी लोग जुट रहे हैं, इसीलिए दूर दे दिया होगा।”

–आईएएनएस

ओपी/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.