रसोई गैस पर ‘युद्ध’ की मार… अब 14.2Kg सिलेंडर में मिलेगी 10Kg गैस, जानें कितने का मिलेगा ये सिलेंडर

Summary :

LPG Cylinder Reduction India: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की रसाई तक पहुंच रहा है। दरअसल, Strait of Hormuz के बाधित होने से भारत में तेल-गैस और सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते भारत सरकार घरेलू सिलेंडर की रिफिल मात्रा कम करने की योजना पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत अब 14.2 किलो के स्टैंडर्ड सिलेंडर में करीब 10 किलो LPG देने पर चर्चा हो रही है। ये कदम इसलिए उठाया जा रहा है, ताकि सीमित स्टॉक को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके। LPG Cylinder Reduction India: खाड़ी…

LPG Cylinder Reduction India: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की रसाई तक पहुंच रहा है। दरअसल, Strait of Hormuz के बाधित होने से भारत में तेल-गैस और सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते भारत सरकार घरेलू सिलेंडर की रिफिल मात्रा कम करने की योजना पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत अब 14.2 किलो के स्टैंडर्ड सिलेंडर में करीब 10 किलो LPG देने पर चर्चा हो रही है। ये कदम इसलिए उठाया जा रहा है, ताकि सीमित स्टॉक को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।

LPG Cylinder Reduction India: खाड़ी संघर्ष से भारत की एलपीजी सप्लाई प्रभावित

भारत अपनी एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई खाड़ी देशों से आती है। वहीं मौजूदा हालात में इस सप्लाई चैन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। हाल ही में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते खाड़ी क्षेत्र से बहुत कम शिपमेंट भारत पहुंच पाए हैं। पिछले सप्ताह भी सिर्फ दो जहाज भारत आए, जिनमें करीब 92,700 टन एलपीजी थी। यह एलपीजी देश की सिर्फ एक दिन की खपत के बराबर है। इसके अलावा भारत के कई एलपीजी टैंकर अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जो मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

LPG Crisis in India: क्यों उठाना पड़ा ये कदम?

LPG Crisis in India
LPG Crisis in India (Source: Social Media)

सरकारी तेल कंपनियों का मानना है कि एक सामान्य परिवार में 14.2 किलो का सिलेंडर करीब 35 से 40 दिनों तक चलता है। ऐसे में 10 किलो वाला सिलेंडर लगभग 1 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, इस बदलाव से बची हुई गैस उन घरों तक पहुंचेगी, जहां सिलंडर खत्म होने की स्थिति है। जिससे किसी को भी गैस-सिलंडर की समस्या का सामना न करना पड़े और लोगों तक भी सिलंडर पहुंच जाएगा।

अगर यह योजना लागू हो जाती है, तो सिलंडर पर कम मात्रा का नया लेबल लगाया जाएगा और कीमतें भी उसी अनुसार तय की जाएंगी। जिससे ये स्पष्ट होगा कि इसमें कम गैस भरी गई है। हालांकि, इसके लिए भराई की प्रक्रिया बदलनी पड़ेगी और योजना को लागू करने से पहले नियामक अनुमति की जरूरत होगी। वहीं यह बदलाव लागू होने के साथ ही सिलेंडर की कीमत भी तय होगी।

LPG Supply Affected: देश में एलपीजी खपत में 17% गिरावट

आपको बता दें कि देश में रोजाना करीब 93,500 टन एलपीजी की खपत है, जिसमें से लगभग 80,400 टन घरेलू इस्तेमाल में आता है। वहीं मार्च से पहले के दिनों में कुल खपत में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो एलपीजी संकट का संकेत माना जा रहा है। वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए लोगों को गैस का सीमित उपयोग करने की सलाह दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी सप्लाई फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।