हरिद्वार, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। महामंडलेश्वर करोली शंकर महादेव ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी के जवाब में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कानून सभी नागरिकों पर लागू होते हैं और फायदेमंद सिस्टम अपनाने से एकता और भाईचारा मजबूत हो सकते हैं।
महामंडलेश्वर करोली शंकर महादेव ने कहा, “अगर अच्छी चीजों की नकल की जाए, तो इसमें बुरा क्या है। अगर अच्छा काम है, दूसरे लोग उसे देखकर अच्छा करें तो इसमें गलत क्या है? यूसीसी देश के नागरिकों और देश के हित में है। इससे भाईचारा और एकता बढ़ेगी, राष्ट्र एकजुट होगा। सभी समान कानून के तहत अपना काम करेंगे। इसमें आपत्ति क्या है। कानून धर्म, मजहब और पंत को देखकर नहीं बनते, कानून जनता की आवश्यकता के अनुसार बनते हैं।”
उन्होंने कहा कि यूसीसी ओवैसी के हित में नहीं हैं, लेकिन मुस्लिम और हिंदुओं के हित में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो जिन्ना के जैसे नेता हैं, वहीं विभाजन की राजनीति की बात करते हैं। ये केवल धरती, धर्म और मजहब के विभाजन की बात नहीं करते, बल्कि मानवता में विभाजन की बात करते हैं। ये नफरत के बीज बोते हैं, इनका काम है नफरत फैलाकर अपनी रोटियां सेंकना। देश की जनता इतनी समझदार हो गई है कि उन्हें सब समझ आ जाता है।
महामंडलेश्वर करोली शंकर ने आगे कहा कि ऐसे लोगों की रोटियां चूल्हे में जलकर राख हो जाती है। ओवैसी की दाल भी नहीं गलने वाली और रोटी भी नहीं पकने वाली। अब इनकी केवल बातें रह गई है, जो कोई सुनने को तैयार नहीं है।
एआईएमआईएम चीफ ओवैसी पर निशाना साधते हुए करोली शंकर महादेव ने कहा कि ये मुसलमानों पर लागू नहीं हो रहा है, ये देश की जनता पर लागू हो रहा है। सभी पर लागू हो रहा है। उनका चश्मा ठीक नहीं है। ओवैसी को पहले उसे ठीक कराना चाहिए, उन्हें दिख जाएगा कि कानून देश की जनता पर लागू होता है, न कि धर्म देखकर। ये तो वो है जो सबकी आवश्यकता है। इससे नेताओं को आपत्ति है, जनता को नहीं।
उन्होंने कहा कि वे चिंता करके सूख जाएंगे। ऐसे सूखने से अच्छा है, भारत सरकार जो कर रही है, उसमें सहयोग करें। कानून इनके अनुसार नहीं, भारत, जनता और वंदे मातरम की आवश्यकता के अनुकूल चलेगा।
–आईएएनएस
केके/वीसी
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