Nepal Flood: नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई हैं। जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हो गई। वहीं, बचावकर्मी 290 भारतीय नागरिकों समेत लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के टूटने से चट्टानें खिसक गई और हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल की ओर आया। इससे कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, मकान, वाहन, सड़कें एवं पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।

हजारों लोग लापता
अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं। इस तरह सीमा के दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है। इस आपदा के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 290 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। मंत्रालय ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए ”तत्काल प्रयास” किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं।

भारत ने भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता भी बढ़ा दी है। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री भेजने के बाद बृहस्पतिवार को एक सैन्य परिवहन विमान से 37.5 टन और एचएडीआर सामग्री, दवाएं एवं खाद्य सामग्री भेजी गई। इस तरह अब तक कुल 47.5 टन सहायता भेजी जा चुकी है। चीनी प्राधिकारियों के अनुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक नयी अवरोधक झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और अगले तीन दिन में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने की आशंका है। इससे प्राकृतिक अवरोध के टूटने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
विभाग ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और तलाश एवं बचाव दलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों को आशंका है कि इस अवरोध के कारण दूसरी आपदा आ सकती है तथा जारी बचाव अभियान और मुश्किल हो सकता है। नेपाल के सुरक्षाकर्मी अब तक प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जबकि हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी दल अलग-थलग पड़ी बस्तियों, नदी किनारों और निचले इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं।

Nepal Floods: नेपाल के पीएम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया
अधिकारी तबाही के पूरे पैमाने का अब भी आकलन कर रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बृहस्पतिवार को नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका का दौरा कर अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस बीच, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा कर बचाव और राहत अभियान की समीक्षा की। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ ने भी सैन्य बचाव अभियान में समन्वय के लिए प्रभावित इलाके में एक दल भेजा है।
Nepal Flood: बाढ़ से नेपाल को भारी नुकसान
प्रभावित इलाकों से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में तबाही का व्यापक मंजर दिखाई दिया। कई इमारतें बह गईं या कीचड़ और मलबे की मोटी परत के बीच खड़ी दिखाई दीं, वाहन मलबे में दब गए या बह गए, सड़कें टूट गईं और पुल बह गए। रसुवा और नुवाकोट जिलों में नदी किनारे की कई बस्तियां कीचड़, चट्टानों और मलबे से पट गई हैं।
नेपाल के सड़क विभाग ने कहा कि नुवाकोट के बेत्रावती से रसुवागढ़ी के बीच 42 किलोमीटर लंबी पूरी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और कई कंक्रीट के पुल बह गए हैं।


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