राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रेत खनन पर कोल्लम जिला प्रशासन से बुधवार को एक रिपोर्ट मांगी। केरल के तटीय गांव अलप्पड़ में रेत खनन गतिविधि के पर्यावरणीय प्रभाव पर 17 वर्षीय एक लड़की के वीडियो के वायरल होने के बारे में छपी एक खबर का संज्ञान लेने के बाद अधिकरण ने कोल्लम जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कोल्लम जिला मजिस्ट्रेट को एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।
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पीठ ने कहा, ‘‘जिला मजिस्ट्रेट, कोल्लम और केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) इस मामले को देखें और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करें तथा इस संबंध में की गई तथ्यात्मक कार्रवाई रिपोर्ट ईमेल के जरिये इस आदेश की प्रति प्राप्त होने के एक महीने के भीतर अधिकरण को सौंपी जाये।’’
पीठ ने कहा, ‘‘जिला मजिस्ट्रेट, कोल्लम को क्षेत्र के जिला खनन अधिकारी को साथ लेने की स्वतंत्रता दी जाती है। केएसपीसीबी समन्वय और अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 मार्च को होगी।
अधिकरण ने यह निर्देश इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक खबर पर स्वत:संज्ञान लेने के बाद दिया है। इस खबर में 12वीं कक्षा की एक छात्रा काव्या एस का उल्लेख किया गया है जिसने अपने गांव अलप्पड़ में दशकों से हो रही रेत खनन गतिविधि के पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में एक वीडियो बनाया था।


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