राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु के अंसारुल्लाह आतंकी मॉड्यूल मामले में अपनी जांच के सिलसिले में बुधवार को 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि चेन्नई में एक विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत दर्ज की गई थी और एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून के तहत आरोप लगाए थे।
यह मामला उस वाकए से जुड़ा है जहां आरोपियों और उनके सहयोगियों ने संयुक्त अरब अमीरात में रहते हुए, हिंसक जिहाद के जरिए और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देकर भारत में इस्लामी शासन की स्थापना के उद्देश्य से धार्मिक शिक्षा दी और साजिश की।
आरोप पत्र में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें हसन अली, हरीश मोहम्मद, मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद शेख मैथीन, मीरान गनी, गुलाम नबी असथ, अहमद अजरुद्दीन, तौफीक अहमद, मोहम्मद अफजर और फारूक शामिल हैं।
हसन अली और हरीश मोहम्मद को एनआईए ने पिछले साल जुलाई में तमिलनाडु से गिरफ्तार किया था जबकि शेष आरोपियों को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से निर्वासित किए जाने के बाद यहां गिरफ्तार किया गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात और देश के अंदर हुयी जांच से स्थापित हुआ कि आरोपियों ने संयुक्त अरब अमीरात में मोहम्मद इब्राहिम के नेतृत्व में जिहादी समर्थक समूह या जमात का गठन किया था। इसके अलावा उन लोगों ने भारत में लोकतंत्र के खिलाफ होने के साथ ही जिहाद और खिलाफत जैसे विषयों पर संयुक्त अरब अमीरात तथा भारत में विभिन्न स्थानों पर बैठकें और कक्षाएं आयोजित की थीं।
उन्होंने कहा कि आरोपियों का हिंसक जिहाद के जरिए और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देकर भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने का इरादा था।
एनआईए ने अंसारुल्लाह आतंकी मॉड्यूल मामले के सिलसिले में पिछले साल तमिलनाडु में भी छापे मारे थे।


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