पिछले साल देश में कोरोना वायरस के अलावा आतंक मचाने वाली टिड्डियों पर केंद्र सरकार ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा 2020 में टिड्डियों का हमला पिछले 26 साल में हुए सबसे विनाशकारी हमलों में से एक था। वहीं इस बात का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जा सके कि इस घटना का कारण जलवायु परिवर्तन था। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टिड्डी सीमा पार से आने वाला नाशक जीव है, लेकिन भारत में उसका हमला कोई नियमित घटना नहीं है।
उन्होंने कहा कि टिड्डियों के हमले के संबंध में ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है जिसके आधार पर जलवायु परिवर्तन को भारत में टिड्डियों के हालिया हमले का कारण माना जा सके। सुप्रियो ने कहा कि कृषि एवं कल्याण मंत्रालय ने मानसून के बदलते पैटर्न सहित जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का विश्लेषण कराया है। धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली और आलू जैसी कुछ फसलों के उत्पादन पर जलवायु परिवर्तन के विभिन्न प्रभावों का अनुमान लगाया गया है।


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