‘हमारे इतिहास में असम आंदोलन का एक प्रमुख स्थान रहेगा’, स्वाहिद दिवस पर पीएम मोदी हुए भावुक

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PM Modi On Swahid Divas: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्वाहिद दिवस के मौके पर असम मूवमेंट का हिस्सा रहे सभी लोगों की बहादुरी को याद किया और कहा कि इसका हमारे इतिहास में हमेशा एक खास स्थान रहेगा। PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “आज, स्वाहिद दिवस पर, हम उन सभी लोगों की बहादुरी को याद करते हैं जो असम मूवमेंट का हिस्सा थे। मूवमेंट का हमारे इतिहास में हमेशा एक खास स्थान रहेगा। पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम असम मूवमेंट में हिस्सा लेने वालों के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी कमिटमेंट…

PM Modi On Swahid Divas: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्वाहिद दिवस के मौके पर असम मूवमेंट का हिस्सा रहे सभी लोगों की बहादुरी को याद किया और कहा कि इसका हमारे इतिहास में हमेशा एक खास स्थान रहेगा। PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “आज, स्वाहिद दिवस पर, हम उन सभी लोगों की बहादुरी को याद करते हैं जो असम मूवमेंट का हिस्सा थे। मूवमेंट का हमारे इतिहास में हमेशा एक खास स्थान रहेगा। पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम असम मूवमेंट में हिस्सा लेने वालों के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी कमिटमेंट दोहराते हैं, खासकर असम की संस्कृति को मजबूत करने और राज्य की हर तरफ से तरक्की करने के लिए।”

Assam News: CM Biswa Sarma ने क्या कहा?

CM Biswa Sarma
CM Biswa Sarma (credit-sm)

मंगलवार को आखिरी तैयारियों का रिव्यू करते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि फॉर्मल उद्घाटन सुबह 11 बजे होगा, जिसके बाद शाम 4 बजे याद में हमेशा रहने वाली ज्योति जलाई जाएगी। उन्होंने इस उद्घाटन को एक ऐतिहासिक पल बताया, जो स्वाहिद खड़गेश्वर तालुकदार की शहादत के लगभग 45 साल बाद हो रहा है। CM सरमा ने कहा, “कल असम के लिए बहुत अहम दिन होगा। यह पहली बार है जब राज्य सरकार इतने बड़े पैमाने पर शहीदों को औपचारिक रूप से सम्मान दे रही है। यह स्मारक उन लोगों के लिए एक स्थायी श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने असम के लिए अपनी जान दे दी।”

PM Modi On Swahid Divas: कार्यक्रम सुबह 11 बजे से होगा शुरू

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रोग्राम का असम के सभी जिलों में सीधा प्रसारण किया जाएगा। पूरे राज्य में मनाए जाने वाले कार्यक्रम के तहत, देशभक्ति गीत ‘स्वाहिद प्रणामु तुमक’ हर जिले में एक साथ गाया जाएगा। स्वाहिद दिवस लंबे समय से शोक और याद का दिन रहा है, लेकिन 2025 का यह दिन इसे ऐतिहासिक पहचान के एक नए लेवल पर ले जाएगा। पूरे असम में स्कूल, कॉलेज और पब्लिक संस्थान इस याद में शामिल होंगे, और उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण किया जाएगा ताकि पूरे राज्य में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

इस दिन का सबसे इमोशनल और दिलचस्प काम हर ज़िले में देशभक्ति का गाना ‘स्वाहिद प्रणामु तुमक’ एक साथ परफ़ॉर्म किया जाएगा। इस मिलकर दी जाने वाली श्रद्धांजलि का मकसद राज्य को एक साथ शुक्रिया, सोच-विचार और याद के पल में एक करना है।

Assam Movement: असम आंदोलन कब हुआ था?

Assam Movement
Assam Movement (credit-sm)

बता दें कि स्वाहिद स्मारक सिर्फ़ पत्थर और स्टील का एक स्ट्रक्चर नहीं है। यह एक बहुत ध्यान से डिज़ाइन की गई जगह है जिसका मकसद असम आंदोलन की यादों को भविष्य में ले जाना है। आर्किटेक्चर के हिसाब से खास चीज़ें आंदोलन की टाइमलाइन बताएंगी, जो 1979 से 1985 तक आंदोलन को बनाने वाली घटनाओं, कुर्बानियों और उम्मीदों की एक गहरी यात्रा कराएंगी। स्वाहिद स्मारक में पब्लिक गैदरिंग, एजुकेशनल प्रोग्राम और कल्चरल यादों के लिए खास जगहें हैं, जिससे यह पक्का होता है कि यह एक रुका हुआ स्मारक बने रहने के बजाय सीखने और सोचने की एक ज़िंदादिल जगह बने।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।