नई दिल्ली: स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में दिए गए भाषण की आज 125वीं सालगिरह है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 125 साल पहले भी एक 9/11 हुआ था। उसमें विवेकानंद ने विश्व को रास्ता दिखाया था। हिन्दुस्तान के प्रति दुनियाभर का नजरिया बदला है। विवेकानंद कहते थे जनसेवा ही प्रभुसेवा है।
#WATCH: Do we have the right to chant ‘Vande Mataram’ if we litter our country? asks Prime Minister Narendra Modi pic.twitter.com/dydAlxwPuU
— ANI (@ANI) September 11, 2017
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जब मैंने बोला, पहले शौचालय और फिर देवालय तो बहुत से लोगों ने मेरे बाल खींच लिए. लेकिन आज मुझे गर्व है कि देश में ऐसी लड़कियां हैं जो कहती हैं कि शौचालय नहीं तो शादी नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि क्या हमें वंदे मातरम कहने का हक है। हम धरती पर कचरा फेंके और वंदे मातरम बोलें? इस पर सबसे पहला हक सफाईकर्मचारियों का है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि क्या हम महिलाओं का सम्मान करते हैं? क्या लड़कियों के प्रति आदर भाव से देखते हैं, जो करते हैं उन्हें मैं सौ बार नमन करता हूं। विवेकानंद सिर्फ उपदेश देने वाले नहीं थे, उन्होंने आइडिया को क्रियान्वित भी किया। रामकिशन मिशन का जिस भाव से जन्म हुआ आज इतने सालों बाद भी यह आंदोलन उसी भाव से चल रहा है।
पीएम मोदी बोले- विवेकानंद ने अपनी वाणी से लोगों को अभिभूत कर दिया था। वरना हमारे देश के बारे में कहा जाता था कि यह तो सांप-सपेरों का देश है। एकदशी को क्या खाना है और क्या नहीं खाना। यही सोचा जाता था। विवेकानंद ने बताया कि नहीं हम यह नहीं हैं। यह सिर्फ हमारी व्यवस्था का हिस्सा है। अरे हमारे यहां तो भीख मांगने वाला भी तपो ज्ञान से भरा होता है, वह कहता है जो न दे उसका भी भला, जो दे उसका भी भला।
पीएम के भाषण की खास बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज 11 सितंबर है, विश्व को 2001 से पहले ये पता ही नहीं था कि 9/11 का महत्व क्या है।
- इसी दिन इस देश के एक नौजवान ने अपने भाषण से पूरी दुनिया को हिला दिया।
- मोदी ने कहा कि उस भाषण से पहले लोगों को लेडिज एंड जेंटलमैन के अलावा कोई शब्द नहीं पता था।
- विवेकानंद जी के दो रूप थे, विश्व में वे जहां भी गए बड़े विश्वास के साथ भारत का महिमामंडन करते थे।
- वे दुनिया में भारत की तारीफ करते थे, लेकिन भारत में आकर समस्याओं को उठाते थे।
- क्या हम आज नारी का सम्मान करते हैं, क्या हम लड़कियों के प्रति आदर-भाव से देखते हैं? जो नारी के भीतर इंसान नहीं देख पाते, उन्हें स्वामी विवेकानंद के भाषण पर तालियां बजाने का हक नहीं है।
- पीएम मोदी बोले कि विवेकानंद जी ने आइडिया को आइडिलिज्म में कनवर्ट किया, लेकिन विवेकानंद मिशन को जन्म नहीं दिया।
- क्या कभी किसी ने सोचा कि किसी लेक्चर के 125 वर्ष मनाएं जाएंगे. जब इस भाषण की शताब्दी मनाई गई थी, तब मैं शिकागो में था।
- मोदी ने कहा कि लोग पान खाकर भारत मां पर पिचकारी मारते हैं और फिर वंदे मातरम बोलते हैं।
- पीएम ने कहा कि जब तेज आवाज में वंदे मातरम सुनो तो रौंगटे खड़े हो जाते हैं।
- मोदी बोले कि हम सफाई करे या ना करें लेकिन गंदगी करने का हक हमें नहीं है।
- एक बार मैंने बोला था कि पहले शौचालय, फिर देवालय तब मेरे बाल नौंच दिए थे. लेकिन आज कई बेटियां हैं जो कहती हैं कि शौचालय नहीं तो शादी नहीं करेंगे।
- देश में भीख मांगने वाला इंसान भी तत्व ज्ञान से भरा है. स्वामी जी में आत्मसम्मान था।
- आज लोग मेक इन इंडिया का भी विरोध करते हैं, लेकिन विवेकानंद जी और जमशेद जी टाटा के बीच भारत में उद्योग लगाने को लेकर संवाद हुआ था. क्या खाना है, क्या नहीं खाना है ये हमारी परंपरा नहीं है।
- आज मुद्रा से बिना ब्याज के पैसा मिलता है. हम अटल इनोवेशन मिशन चला रहे हैं, जिससे युवाओं को काफी लाभ मिलेगा।
- विवेकानंद की विदेश नीति वन एशिया थी, विश्व जब संकट में घिरा होगा तो एशिया की सबको रास्ता दिखाएगा।
- PM मोदी ने मंत्र दिया कि ‘फॉलो द रूल, इंडिया विल रूल’, जो समाज के लिए गलत है उसे छोड़ना होगा।
- पुराने समय में कितनी वो मान्यता कितनी भी बड़ी होगी, लेकिन अगर आज के समय में सही नहीं है तो उसे छोड़ना होगा।
- 2022 के लिए हमें नया संकल्प लेना होगा, जिससे हमारा जीवन बदलना चाहिए।
- कॉलेज में स्टूडेंट डे मनाते हैं आज रोज डे है आज ये है… कुछ लोग इसके विरोधी हैं लेकिन मैं इसका विरोधी नहीं हूं।
- पीएम ने कहा कि क्या सिर्फ पराठें और भांगड़े में ही पंजाब है क्या.. दूसरों के महापुरुषों को भी जानें।


Download Android App
Download iOS App



