PM मोदी ने छत्तीसगढ़ में 5 रेलवे स्टेशनों का किया वर्चुअल उद्घाटन

Summary :

डोंगरगढ़ समेत 5 स्टेशन होंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के पांच रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया, जो अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। यह पहल रेलवे बुनियादी ढांचे में सुधार लाकर यात्रा को अधिक सुगम बनाएगी और लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग को पूरा करेगी।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले स्थित मां बम्लेश्वरी देवी की नगरी डोंगरगढ़ समेत 5 रेलवे स्टेशनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनुपम सौगात देंगे। पीएम मोदी गुरुवार को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए आधुनिक रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। रेलवे मंत्रालय की इस योजना के तहत देशभर के कई रेलवे स्टेशनों को आधुनिकीकरण से जोड़ा गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस पहल के जरिए रेलवे बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है, जो परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाएगा। डिमांड है कि जनता की ख्वाहिश पर लोकल ट्रेनों और एक्सप्रेस ट्रेनों को बढ़ाया जाए। इससे जनता को सुविधा होगी और दूसरे राज्यों में जाने वाले नौकरीपेशा और तीर्थ यात्रियों को इसका फायदा जरूर मिलेगा।

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इन स्टेशनों को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि वे सिर्फ एक ठिकाना मात्र बनकर न रहें, बल्कि अपने-अपने इलाके की संस्कृति, वास्तुकला और परंपरा को दर्शाते हुए यात्रियों को एक अलग अनुभव दे सकें। डोंगरगढ़ के अलावा भिलाई, उरकुरा (रायपुर), भानुप्रतापपुर और अंबिकापुर स्टेशन भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तैयार हैं। इन स्टेशनों में भारतीय संस्कृति, विरासत और आधुनिकता का समावेश किया गया है। वाणिज्य निरीक्षक पद्मनाभ शास्त्री ने बताया कि इस योजना के तहत डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन का बहुमुखी विकास हुआ है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को करने वाले हैं। यह स्टेशन यात्रियों के लिए बहुत उपयोगी रहेगा।

बुधवार को डोंगरगढ़ के रेलवे स्टेशन में कार्यक्रम को सफल बनाने के संबंध में कालकपारा में जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक के दौरान नवनियुक्त सांसद प्रतिनिधि, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तरुण हथेल मौजूद रहे। लोगों को उम्मीद है कि आधुनिक रेलवे स्टेशन के बनने से उन्हें भविष्य में मदद मिलेगी। दशकों से लोगों ने डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन से कुछ गिनी-चुनी एक्सप्रेस और मालगाड़ियों को गुजरते और ठहरते देखा है। शिकायत रही है कि लोकल ट्रेनों के कम होने से नौकरीपेशा और छात्रों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

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