Rahul Raise Issue of Gig Workers : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के लिए गिग वर्करों का श्रम, सम्मान और सुरक्षा प्राथमिकता नहीं है।फेसबुक पर एक पोस्ट में, गांधी ने लोकसभा में गिग वर्करों और उनके कल्याण से संबंधित अपने द्वारा पूछे गए एक प्रश्न को साझा किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने हाल ही में गिग वर्करों के एक समूह से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनने के बाद, लोकसभा में सरकार से सीधे प्रश्न पूछे।
उन्होंने दावा किया कि गिग वर्करों के न्यूनतम वेतन, दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या और क्या सरकार के पास महिला कामगारों द्वारा सामना किए जाने वाले भेदभाव और चुनौतियों के समाधान के लिए कोई योजना है, जैसे विशिष्ट प्रश्नों का उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
देश में तेजी से बढ़ रही गिग इकॉनमी के बीच राहुल गांधी ने यह सवाल उठाए हैं। जिसमें गिग-वर्कर्स के एक्सीडेंट और मौतों की संख्या बताने का भी सवाल किया गया लेकिन उनके कई अहम सवालों पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
Rahul Gandhi on Gig Workers: कितने हैं गिग वर्कर्स

नीति आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2020-21 में करीब 77 लाख गिग वर्कर्स थे, जिनकी संख्या 2029-30 तक 2 करोड़ के पार जाने का अनुमान है। ऐसे में इस सेक्टर से जुड़े श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है।
बता दें, भारत में गिग वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह वर्कर्स अलग अलग सेक्टर्स से जुड़े हैं, जिसमें ऑटो सेक्टर, फूड सेक्टर्स व डिलीवरी सेक्टर्स से जुड़े हैं। जो आमतौर पर ऐप्लीकेशन के माध्यम से जुड़े होते हैं।
Rahul Raise Issue of Gig Workers: मांगी मौत के आंकड़ों की जानकारी
बता दें, उन्होंने बीमा योजनाओं से जुड़े डेटा जैसे, कितने क्लेम दाखिल हुए, कितने मंजूर हुए और कितने खारिज किए गए की जानकारी भी मांगी, जिस पर भी सरकार की ओर से चुप्पी बनी रही। इससे पहले आप सांसद राघव चड्ढा भी इस मुद्दे को संसद में उठा चुके हैं। वहीं राहुल गांधी भी गिग वर्कर्स की समस्याओं को लेकर एक यूट्यूब वीडियो बना चुके हैं।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि गिग वर्कर्स की आईडी ब्लॉक करने, जाति आधारित भेदभाव और महिला वर्कर्स की समस्याओं से निपटने के लिए सरकार के पास क्या योजना है। इन मुद्दों पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
Rahul Gandhi News: क्या दर्ज है सरकारी पोर्टलों में
सरकारी पोर्टलों पर पंजीकरण की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। eShram पोर्टल पर अब तक सिर्फ 8.8 लाख गिग वर्कर्स ही रजिस्टर्ड हैं। वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 23,831 और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में करीब 1.3 लाख गिग वर्कर्स ही शामिल हुए हैं।
सरकार की चुप्पी पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इससे साफ है कि गिग वर्कर्स की मेहनत, सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये वर्कर्स इस नई इकॉनमी के साझेदार बनेंगे या केवल कॉर्पोरेट सिस्टम में सीमित रह जाएंगे। साथ ही उन्होंने मांग की कि गिग वर्कर्स के लिए उचित आय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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