नए वर्ष पर नई शुरुआत और घोषणा का सिलसिला शुरु हो गया है। आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2025 को ‘सुधारों का वर्ष’ घोषित किया है। राजनाथ सिंह ने विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, सुधारों और भविष्य की प्रगति की समीक्षा करने के लिए नए साल की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्रालय के सभी सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भविष्य में सुधारों को गति देने के लिए, सर्वसम्मति से 2025 को ‘सुधारों का वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इस घोषणा का उद्देश्य सशस्त्र बलों को तकनीकी रूप से उन्नत करने और युद्ध के लिए तैयार बल में बदलना है।
क्या निर्णय लिया गया बैठक में?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक के दौरान, यह निर्णय लिया गया कि रक्षा मंत्रालय इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगा कि सुधारों को संयुक्त करना और एकीकरण पहलों को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे थिएटर कमांड की स्थापना की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए डोमेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, हाइपरसोनिक्स और रोबोटिक्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भविष्य में युद्धों को जीतने के लिए आवश्यक रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाएं भी विकसित की जानी चाहिए।
तेज और मजबूत विकास पर दिया जोर
तेज और मजबूत क्षमता विकास की सुविधा के लिए प्रक्रियाओं को सरल और संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है। साथ ही रक्षा मंत्रालय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरान विश्वास व्यक्त किया कि ‘सुधारों का वर्ष’ सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह देश की रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व प्रगति की नींव रखेगा, जिससे 21वीं सदी की चुनौतियों के बीच राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करने की तैयारी होगी।


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