भोपाल : मध्यप्रदेश शासन द्वारा देश में रीवा सौर परियोजना को मॉडल रूप में स्थापित करने के बाद शाजापुर, आगर और नीमच में भी सोलर पार्क सौर परियोजनाओं की तैयारी कर ली गई है। इस संबंध में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और विश्व बैंक के इंटरनेशनल फायनेंस कॉर्पोरेशन (आईएफसी) के मध्य फायनेंशियल एडवायजरी सर्विसेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में विभाग की ओर से प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव और आईएफसी की ओर से एशिया पेसिफिक रीजनल मैनेजर सुश्री ईसाबेल चेटरटन ने हस्ताक्षर किये। शाजपुर सोलर पार्क 500 मेगावॉट, आगर 550 और नीमच सोलर पार्क 450 मेगावॉट का होगा।
इससे राज्य को सस्ती दर पर सौर ऊर्जा मिलेगी। विश्व की सबसे बड़ सौर परियोजनाओं में से एक मध्यप्रदेश की रीवा सौर परियोजना को केन्द, शासन द्वारा देश के अन्य राज्यों के समक्ष मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसे विश्व बैंक प्रेसिडेंट अवार्ड भी मिल चुका है। रीवा सौर परियोजना से इसी माह उत्पादन प्रारंभ हो जायेगा। आईएफसी ने पिछले साल 750 मेगावॉट की रीवा परियोजना में भी भागीदारी की है।
रीवा परियोजना ने नई तकनीक से सबसे कम टेरिफ का कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया में प्रशंसा अर्जित की है। प्रधानमंत्री के पेरिस समझौते के तहत देश में वर्ष 2022 तक 100 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रदेश में 2000 मेगावाट के सौर पार्क की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
1500 मेगावाट पार्क के लिये 89 प्रतिशत भूमि की व्यवस्था कर ली गई है। विश्व बैंक से अधोसंरचना विकास हेतु ऋण प्राप्त हो चुका है। मध्यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों और भारतीय रेल द्वारा विद्युत क्रय की सहमति दे दी गई है।
मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष विजेन्द, सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव ऊर्जा आई.सी.पी केशरी, प्रबंध संचालक पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी संजय शुक्ला, प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी संजय गोयल और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में श्रीलंका और आईएफसी के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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