जैश का खतरनाक आतंकी निसार अहमद को यूएई से भारत लाया गया है। भारत सरकार के एक अधिकारी ने कल यानी मंगलवार को यह जानकारी दी है। अधिकारी के अनुसार जैश आतंकी निसार 2017 के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में शामिल था। खबरों के अनुसार नई दिल्ली के अपील के बाद यूएई ने उसे 31 मार्च को प्रत्यर्पित किया। बता दें कि सबसे खतरनाक आतंकी नूर अहमद का भाई है निसार जैश। नूर अहमद की लंबाई महज तीन फीट है।
वहीं दूसरी ओर उच्चतम न्यायालय ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन दिलाने के लिए एक मामले में कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली की जमानत मंगलवार को रद्द करा दी है। न्यायालय ने बताया कि है कि एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के हुर्रियत नेताओं और आतंकी संगठनों के बीच के रिश्तों और भारत के खिलाफ युद्घ छेडऩे को लेकर उनकी गतिविधियों को दिखाने के लिए कुछ साक्षय जुटाए हैं।
UAE मिसाल पेश कर रहा है
यूएई पिछले कुछ सालों से भगोड़ों को वापस भारत को सौंपने के एक के बाद एक अनोखे उदाहरण सामने लेकर आ रहा है जिनमें आतंकवादी भी शामिल है। यूएई अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद के मामले में रिश्वतखोरी के आरोपनी क्रिश्चियन मिशेल मामले में कथित दलाल दीपक तलवार के अलावा भी सीरियाई आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के समर्थकों इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य अब्दुल वाहिद सिद्दिबापा और 1993 मुंबई ब्लास्ट के आरोपी फारुख टकला जैसे कुछ आतंकवादियों को भारत सरकार को सौंप चुका है। वहीं निसार तांत्रे शायद इसी साल भारत से भागकर यूएई चला गया था।
इस हमले में शामिल है एक और पाकिस्तानी आतंकी…
फरवरी में ही पुलवामा के अवंतिपुरा निवासी फय्याज अहमद मैगे्र को लेथपोरा केस में गिरफ्तार किय जा चुका था। जिन तीन आतंकियों को हमले में मार गिराया गया था उनकी पहचान त्राल निवासी फरदीन अहमद खांडे,पुलवामा के द्रुबग्राम निवासी मंजूर बाबा और पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल शकूर शामिल हैं। शकूर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट का रहने वाला था। फरवरी में एनआई ने जिस आतंकवादी फय्याज को गिरफ्तार किया। वह जैश का सक्रिय सदस्य था। हमले में शामिल आतंकियों को छुपाने का ठिकाना,हथियार और खुफिया जानकारियां दी थी।


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