US-India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका के कॉमर्स मिनिस्टर हॉवर्ड लुटनिक के हालिया बयान के बाद इस मुद्दे ने नया मोड़ ले लिया है। लुटनिक ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया, इसी वजह से दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पूरी नहीं हो सकी। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
US-India Trade Deal: अमेरिकी मंत्री के दावे को भारत ने बताया गलत
अमेरिकी कॉमर्स मिनिस्टर हॉवर्ड लुटनिक ने 8 जनवरी 2026 को एक पॉडकास्ट में कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग पूरी तरह तैयार थी। उनके अनुसार, केवल दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत बाकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप को फोन करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, इसलिए डील आगे नहीं बढ़ सकी। इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई।

Trade Deal News: विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी मंत्री के बयान को तथ्यहीन बताया है। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि लुटनिक की टिप्पणियां वास्तविक स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत पिछले साल 13 फरवरी से लगातार चल रही है और दोनों देशों ने कई दौर की चर्चाएं की हैं।

PM Modi और ट्रंप के बीच 8 बार बातचीत
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि साल 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर कुल आठ बार बातचीत हुई है। इन बातचीतों में केवल ट्रेड डील ही नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका की व्यापक रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। MEA के मुताबिक, कई मौकों पर दोनों देश ट्रेड समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंचे हैं।

संतुलित और लाभकारी समझौते पर जोर
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों एक ऐसे व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं जो संतुलित हो और दोनों देशों को समान लाभ पहुंचाए। भारत का मानना है कि दोनों देश पूरक अर्थव्यवस्थाएं (Complementary Economies) हैं और आपसी सहयोग से व्यापार को नई ऊंचाई दी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह डील जरूर पूरी होगी।
ट्रेड डील अधर में, भारत पर 50% टैरिफ का असर
फिलहाल भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। इसी कारण भारत को अमेरिका की ओर से 50 फीसदी तक के टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति भारतीय निर्यातकों और कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि बातचीत का सिलसिला जारी है और दोनों देश सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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