- विनेश फोगाट मामले में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में दिया बयान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा को दिए जरूरी निर्देश
- फाइनल में जगह तय होने के बाद, 100 ग्राम वजन बढ़ने के बाद अयोग्य घोषित हुई विनेश फोगाट
इस मामले में संसद में हंगामा हुआ है इसके बाद खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया को इस पर भारत सरकार और खेल मंत्रालय का कहने विनेश फोगाट के मामले में सदन में दिये बयान में कहा कि आईओए की प्रमुख पीटी उषा पेरिस में ही हैं और प्रधानमंत्री ने उनसे खुद बात की है मांडविया ने कहा कि विनेश का वजन 50 किलोग्राम से 100 ग्राम अधिक पाया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय ओलम्पिक संघ ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ से कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है।
तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली बनी थीं पहली महिला पहलवान
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय ओलम्पिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी पेरिस में हैं। प्रधानमंत्री ने स्वयं उनके साथ बातचीत करके उचित कार्रवाई के लिए उन्हें कहा है।’’ उन्होंने कहा कि विनेश मंगलवार को तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला पहलवान बनी थीं और जहां तक ओलम्पिक की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता का प्रश्न है तो भारत सरकार ने आवश्यकता के अनुसार विनेश की हरसंभव मदद की है।
फिजियो और कोच हमेशा साथ रहते हैं
उन्होंने कहा कि विनेश के लिए विशेष स्टाफ नियुक्त किये गये हैं, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। मंत्री के अनुसार उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच वोलर आकोस और फीजियो अश्विनी पाटिल हमेशा रहते हैं। मांडविया ने कहा कि विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों के लिए दी गयी वित्तीय सहायता के अलावा उन्हें रीहैब (स्वास्थ्य लाभ) प्रक्रिया के तहत आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए भी सहायता प्रदान की गयी है।
70 लाख रुपये खर्च किया है भारत सरकार मे विनेश फोगाट की तैयारी पर
उन्होंने कहा कि विनेश को पेरिस ओलंपिक के लिए कुल 70,45,775 रुपये की सहायता दी गयी है, जिनमें टार्गेट ओलम्पिक पोडियम स्कीम में 53,35,746 रुपये और वार्षिक ट्रेनिंग एवं स्पर्धा कैलेण्डर में करीब 17.10 लाख रुपये शामिल हैं। मांडविया ने कहा कि 2020 के टोक्यो ओलम्पिक में भी उन्हें 1,13,98,224 रुपये की सहायता दी गयी थी। विनेश को महिलाओं की 50 किलोग्राम कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण बुधवार को ओलम्पिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया। गौरतलब है कि विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था। सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था, लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी।


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