नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर शनिवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दिपके की दादी का निधन हो गया है। दिपके अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जताने के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया।
अब दिपके के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वह हिरासत में रहते हुए अपना विरोध जताते हैं या फिर दादी के निधन पर परिवार के पास लौट जाते हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दी है। अब उन्हें यह तय करना है कि वे हिरासत में रहकर विरोध-प्रदर्शन जारी रखें या अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर लौटें।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की और बस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। बाद में उन सभी को फिर से हिरासत में ले लिया गया और तय जगह पर भेज दिया गया।
दिपके की दादी हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी स्थित गांव में रहती थी। वह लंबे समय से बीमार थीं और उम्र ज्यादा होने की वजह से पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी।
अभिजीत के माता-पिता (अनिता और भगवान दिपके) अभी छत्रपति संभाजीनगर में हैं। उनके घर के बाहर पुलिस का बंदोबस्त है। दादी के निधन की खबर के बाद दोनों के तुरंत हिंगोली के लिए रवाना हो की जानकारी है।
इसी बीच, सीजेपी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के जवान उस विमान के अंदर घुसे जिसमें अभिजीत दिपके राष्ट्रीय राजधानी आ रहे थे। फ्लाइट कुछ मिनट पहले ही आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी।
हिरासत के दौरान अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस से कहा कि मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं। मुझे गिरफ्तार करो। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवान उससे कहते हैं कि नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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