World Bicycle Day: दुनियाभर में 3 जून को विश्व साइकिल दिवस (World Bicycle Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को साइकिल के महत्व के बारे में जागरूक करना है। साइकिल एक ऐसा साधन है जो सस्ता, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल (Sustainable Urban Transport) माना जाता है। पिछले लगभग 200 सालों से यह लोगों की यात्रा और रोजमर्रा की जरूरतों का हिस्सा रही है।
आज जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, तब साइकिल (India Cycling Infrastructure) का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यह न केवल पैसे बचाने में मदद करती है, बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी अहम भूमिका निभाती है। बता दें, कि मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के चलते सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिया है।
World Bicycle Day: कैसे हुई विश्व साइकिल दिवस की शुरुआत?

विश्व साइकिल दिवस पहली बार 3 जून 2018 को मनाया गया था। इसकी शुरुआत का श्रेय अमेरिका के प्रोफेसर लेशजेक सिबिल्स्की को दिया जाता है। उन्होंने साल 2015 में संयुक्त राष्ट्र से साइकिल के महत्व को पहचानने और इसके लिए एक विशेष दिन घोषित करने की मांग की थी। उनकी इस पहल को दुनिया के कई देशों का समर्थन मिला। करीब 56 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद 12 अप्रैल 2018 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 3 जून को विश्व साइकिल दिवस घोषित किया। उसी वर्ष पहली बार यह दिवस मनाया गया।
Cycle Lanes India: युवाओं से साइकिल अपनाने की अपील

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं से साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना केवल एक खेल या शौक नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की पहचान है। उन्होंने बताया कि नियमित साइकिलिंग शरीर को फिट रखने के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। इसके अलावा यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उनका कहना है कि यदि अधिक लोग साइकिल का उपयोग करेंगे तो प्रदूषण कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश की युवा शक्ति से Cycling को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की है।3 जून को विश्व साइकिल दिवस के मौके पर युवाओं के नाम एक संदेश जारी करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि साइक्लिंग को hobby नहीं ,बल्कि जीवनशैली की हिस्सा बनाए pic.twitter.com/Ld5n09iIUh
— Ritesh Mahasay (@MahasayRit11254) June 3, 2026
‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान को मिल रहा समर्थन
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया अभियान को ‘संडे ऑन साइकिल’ जैसी पहलों से नई ऊर्जा मिली है। इस अभियान में देशभर के लाखों लोग हिस्सा ले रहे हैं और इसे जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे फिट इंडिया ऐप पर पंजीकरण करें और अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों को भी इस अभियान से जोड़ें। उनका मानना है कि एक फिट और स्वस्थ भारत के निर्माण में साइकिलिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिट इंडिया अभियान के तहत आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम लगातार लोकप्रिय हो रहा है।
हाल के आयोजनों में देशभर के हजारों स्थानों पर लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।इस पहल में छात्र, खिलाड़ी, नौकरीपेशा लोग, वरिष्ठ नागरिक और विभिन्न सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हो रहे हैं। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए देश के विभिन्न शहरों और कस्बों में साइकिल क्लब भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
यह भी पढ़ें: कैबिनेट ने एटीएफ कीमतों को स्थिर रखने के लिए घरेलू एयरलाइनों को 10,000 करोड़ रुपए की मदद को दी मंजूरी


Download Android App
Download iOS App




