देहरादून : उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के दीक्षांत समारोह में नए 66 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को बधाई देते हुये विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा अधिकारी वानिकी के उच्च व्यावसायिक मानदंडों को बनाए रखेंगे तथा उन्हें और आगे बढायेंगे। श्रीमती मौर्य ने प्रशिक्षणरत 2017-19 के व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में आईएफएस ने देश को 64 नये अधिकार दिये साथ ही दो विदेशी आईएफएस अधिकारी दिये।
वन अनुसंधान संस्थान के दीक्षान्त गृह में मंगलवार को 66 आईएफएस अधिकारियों से राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संधारणीय उपयोग को विकसित कर, दृढ़ प्रतिबद्ध होकर, गरीबी उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकास प्रकिया के केंद्र में आम आदमी को रखकर ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवा पेशवर होने के नाते ध्यान रखना होगा कि आपके द्वारा लिए गए निर्णय देश की पर्यावरणीय नींव पर और वनाश्रित लोगों के जीवन पर दीर्घकालिक असरकारक हों। अकादमी के निदेशक ओमकार सिंह ने कहा कि यह संस्थान पूर्व में इंडियन फॉरेस्ट कॉलेज और अब इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के रूप में पिछले 79 वर्षों से देश की सेवा कर रहा है।
स्वतंत्र भारत के समस्त भारतीय वन सेवा अधिकारियों और 14 मित्र राष्ट्रों के लगभग 350 वन अधिकारियों ने अब तक इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान 2017-19 पाठ्यक्रम के 64 आईएफएस परिवीक्षार्थियों और भूटान शाही सरकार के 2 विदेशी प्रशिक्षुओं को आज डिप्लोमा प्रदान किया जा रहा है।


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