महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद भी भाजपा शिवसेना को सियासत में चारों खानें चित्त करना चाहती हैं। खबर के अनुसार बताया जा रहा हैं की शिंदे के कैबिनेट में राज ठाकरे के पुत्र अमित ठाकरे को जगह मिल सकती हैं। जिस कारण शिवसेना के युवा भविष्य आदित्य ठाकरे को चुनौती का सामना करना पड़ सकता हैं। राज ठाकरे की पार्टी के इकलौते विधायक ने भी फ्लोर टेस्ट में शिंदे गुट को विधानसभा में समर्थन दिया था। इससे पहले बुधवार को दोनों नेताओं की मुलाकात होने वाली थी। लेकिन किन्हीं कारणों से इसे टाल दिया गया था।आज वह मौका आखिर आ ही गया, जब दोनों ने मुलाकात की और सियासत पर बात की है।
शिवसेना को कोंकण क्षेत्र में कमजोर करेंगी राजठाकरे की पार्टी एमएनएस

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे को विपक्ष की चुनौती आसान बनें , इसलिए उन्होनें राज ठाकरे का साथ लेने का मन बनाया हैं। क्योंकि शिवसेना महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में सबसे जोरदार मानी जाती हैं। इसलिए एकनाथ शिंदे अमित ठाकरे को मंत्री बनाकर कोंकण क्षेत्र में शिवसेना की सियासी पकड़ कमजोर सकती हैं। शिवसेना को राजठाकरे की पार्टी बालासाहेब के नाम पर टक्कर भी दे सकती हैं।
बगावत के कारण महाराष्ट्र सीएम पद से धोना पड़ा हाथ
उद्धव ठाकरे को सत्ता से हटना पड़ा, क्योंकि शिंदे और उनके साथ 40 विधायकों ने महाविकास अघाड़ी की सरकार के खिलाफ बागी तेवर अपना लिए। उन्होंने कहा कि कहा हम बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे बढ़ाएंगे। इसके बाद राज्य में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनी। लोगों को कैबिनेट विस्तार का इंतजार है।
सत्ता के सारथी बनेंगे अमित ठाकरे

महाराष्ट्र में राज ठाकरे की पार्टी का समीकरण ज्यादा तो नही हैं लेकिन सत्ता के अंदर ठाकरे परिवार की मौजूदगी शिवसेना को हैरत में डालने वाली रहेंगी। अगर शिवसेना शिंदे सरकार पर कुछ आरोपा भी लगांएगी तो अमित ठाकरे आगे आकर उसका खंडन करेंगे। जिस कारण यह शिवसेना की सरकार के खिलाफ लड़ाई परिवार से आगे बढ़ ही नही पायेगी। अमित ठाकरे मंत्री बनने के बाद अव्वल दर्जे में गिने जाने लगेंगे। जो आदित्य ठाकरे के लिए भविष्य में चुनौती बन सकते हैं।


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