Bandra Demolition Drive: पश्चिमी रेलवे (WR) ने आज यानी 19 मई को मुंबई के बांद्रा पूर्व (Bandra East) इलाके में बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। यह अभियान गरीब नगर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास बनी अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए चलाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई लगातार पांच दिनों तक जारी रहेगी। इस अभियान को पश्चिमी रेलवे का अब तक का सबसे बड़ा विध्वंस अभियान बताया जा रहा है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद शुरू की गई है। अदालत ने पश्चिमी रेलवे को रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की अनुमति दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 16 मई को दिए गए फैसले में कोर्ट ने कहा था कि रेलवे अधिकारी अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चला सकते हैं। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि साल 2021 के सर्वे में पात्र पाए गए झुग्गीवासियों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि योग्य लोगों के साथ नियमों के अनुसार व्यवहार किया जाए।
Bandra Railway Police Station: भारी पुलिस बल के बीच चला बुलडोजर

विध्वंस अभियान शुरू होने से पहले बांद्रा स्टेशन के पूर्वी इलाके और गरीब नगर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। किसी भी तरह के विरोध या तनाव को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। इसके बाद रेलवे की जमीन पर बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाए गए। कई झुग्गियों और अस्थायी निर्माणों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल देखने को मिला।
Thanks Railways & Police for Demolition of BANGLADESHI encroachments at Bandra Terminus. I visited the demolition today morning pic.twitter.com/v18bMhyMru
— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) May 19, 2026
Bandra Demolition Drive: भाजपा नेता किरित सोमैया ने जताया समर्थन

भाजपा नेता Kirit Somaiya ने इस कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने रेलवे और पुलिस प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि बांद्रा टर्मिनस क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को हटाना जरूरी था। सोमैया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने सुबह खुद मौके पर जाकर अभियान देखा। उन्होंने दावा किया कि रेलवे की जमीन पर बड़े स्तर पर अवैध कब्जे किए गए थे।
Bulldozer Action in Bandra: लोगों ने जताई नाराजगी
वहीं दूसरी ओर गरीब नगर में रहने वाले कई लोगों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की। एक निवासी ने कहा कि उनका परिवार 1981 से यहां रह रहा है। उनके बच्चे इसी इलाके में पैदा हुए और बड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इतने सालों से रहने के बाद अब अचानक उन्हें हटाया जा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पहले से कोई स्पष्ट नोटिस नहीं दिया गया। उनका कहना है कि उनके पास सर्वे पर्ची और अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। लोगों ने प्रशासन से उनके पुनर्वास और अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
स्थानीय निवासियों ने राजनीतिक नेताओं पर भी नाराजगी जताई। एक निवासी ने कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन मुश्किल समय में कोई साथ नहीं देता। लोगों का कहना है कि अब उन्हें केवल अपने घर और भविष्य की चिंता सता रही है। फिलहाल रेलवे का यह अभियान जारी है और आने वाले दिनों में और भी अवैध निर्माण हटाए जाने की संभावना है।
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