पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 18 सीटों पर विजय हासिल की और राज्य विधानसभा की कुछ सीटों के उपचुनावों में पार्टी का वोट शेयर 40.2 प्रतिशत रहा।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव परिणाम में शानदार प्रदर्शन कर वाम मोर्चा को पीछे धकेल दिया। सत्रहवीं लोकसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस को केवल दो सीट तक सीमित रखा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को 22 सीटों से आगे नहीं बढ़ने दिया। तृणमूल को 12 सीटों का नुकसान हुआ है।
लोकसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा को 18 सीटें हासिल हुईं जो वर्ष 2014 के दो सीटों के मुकाबले बहुत अधिक है और विधानसभा उपचुनाव की चार सीटों दार्जिलिंग, हबीबपुर, कृष्णागंज और भटपारा सीटों पर जीत हासिल की है।
भगवा पार्टी ने उत्तर बंगाल में सूपड़ साफ किया। दार्जिलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़, रायगंज, बालुरघाट और अलीपुरद्वार की सभी छह सीटें जीत हासिल कर विपक्ष में बैठने पर मजबूर किया।
जहां तक विधानसभा क्षेत्रों का सवाल है भाजपा ने 129 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने 158 और कांग्रेस ने सात सीट में जीत दर्ज की।
एग्जिट पोल के अनुमानों को सुश्री बनर्जी ने ‘‘एग्जिट पोल गॉसिप’’ करार दिया, जो राज्य में यह सच साबित हुआ और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली में कहा कि पार्टी की 2021 में विधानसभा चुनाव पर नजर रखने के साथ-साथ बंगाल में अपने आधार और संगठन को बढ़कर मजबूत करेगी।
फिल्मों से राजनीति में आयी आसनसोल से मुनमुन सेन, बंगाल से सभी अभिनेता जैसे बाबुल सुप्रियो और भाजपा के लॉकेट चटर्जी, और मिमी चक्रवर्ती, दीपक अधिकारी (देब), तृणमूल कांग्रेस के नुसरत अहान और शताब्दी रॉय ने चुनाव जीतकर संसद में पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया।


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