समान नागरिक संहिता को लेकर देश के सभी राजनीतिक दलों के अपने – अपने अलग रुख है पक्ष इस कानून के लेकर अलग दलील दे रहा है तो वही दूसरी ओर विपक्ष इस कानून को लेकर सरकार पर विभिन्न आरोप के साथ हलामावर है।एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूसीसी बिल को प्रधानमंत्री हिन्दू नागरिक संहिंता बताया। जिसके बाद मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ओवेसी पर पलटवार करते हुए कहा ओवैसी कांग्रेस और अंग्रेजो की भाषा बोल रहे।
ओवैसी एक छद्म मानसिकता वाले
मिश्रा ने संवाददाताओं से मुखातिब होते कहा ओवैसी कांग्रेस और अंग्रेजो की भाषा बोल रहे है। ओवैसी ने महिलाओं के उत्थान के लिए कानून का भी विरोध किया। यह एक छद्म मानसिकता है। उल्लेखनीय है कि एआईएमआईएम अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा था, भारत के प्रधानमंत्री भारत की विविधता और उसके बहुलवाद को एक समस्या मानते हैं। इसलिए, वह ऐसी बातें कहते हैं शायद भारत के प्रधानमंत्री अनुच्छेद 29 को नहीं समझते हैं।
इस्लामी प्रथाओं को अवैध मानेंगे और कानून के तहत सभी हिंदू प्रथाओं की रक्षा
क्या आप देश से उसका बहुलवाद छीन लेंगे और यूसीसी के नाम पर विविधता? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जब प्रधानमंत्री यूसीसी की बात करते हैं तो वह हिंदू नागरिक संहिता का जिक्र करते हैं। जब वह यूसीसी की बात करते हैं, तो वह हिंदू नागरिक संहिता की बात कर रहे हैं। अब वे सभी इस्लामी प्रथाओं को अवैध मानेंगे और कानून के तहत सभी हिंदू प्रथाओं की रक्षा करेंगे। मैं उन्हें चुनौती देता हूं – क्या वह हिंदू अविभाजित परिवार को खत्म कर सकते हैं? जाओ और सिखों को बताओ पंजाब में यूसीसी के बारे में, देखिए वहां क्या प्रतिक्रिया होगी।


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