भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान उन चार जिलों में बेहतर प्रदर्शन किया, जिन्हें मोदी सरकार के ‘आकांक्षी जिला’ कार्यक्रम में शामिल किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इन जिलों का तेजी से और कारगर तरीके से विकास करना है।
सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए केंद्र के कार्यक्रम के तहत चुने गए राज्य के चार जिले गढ़चिरौली, उस्मानाबाद, वाशिम और नंदुरबार हैं। इन जिलों में 14 विधानसभा क्षेत्र हैं। भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने 2014 चुनाव में यहां आठ सीटें जीती थीं और इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 10 हो गया है।
उस्मानाबाद जिले में चार विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 2014 में दो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नाम रही थीं, जबकि कांग्रेस और शिवसेना ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की थी। इस बार परंडा, उमरगा और उस्मानाबाद सीटें शिवसेना ने जीतीं, जबकि तुलजापुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार राणा जगजीत सिंह पाटील ने जीत दर्ज की।

पाटील ने राकांपा टिकट पर 2014 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी। नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में 2014 में भाजपा ने तीनों विधानसभा सीट अमोरी, गढ़चिरौली और अहेरी पर जीत दर्ज की थी। जबकि, इस बार राकांपा ने अहेरी सीट भाजपा से छीन ली लेकिन गढ़चिरौली और अमोरी पर भाजपा ने अपनी पकड़ बरकरार रखी। वाशिम जिले की तीन विधानसभा सीटों में से भाजपा ने दो पर अपनी पकड़ बरकरार रखी।
वहीं, कांग्रेस ने भी पिछली बार की तरह अपनी एक सीट पर फिर जीत दर्ज की। उत्तरी महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले की चार विधानसभा सीटों पर 2014 की तरह ही भाजपा और कांग्रेस ने दो-दो सीटें अपने नाम की। महाराष्ट्र 288 सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान हुआ था और मतगणना 24 अक्टूबर को की गई। इन चुनाव में 288 सीट में से भाजपा ने 105, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है।


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