महिलाओं के कौमार्य को लेकर कोलकाता के प्रोफेसर का विवादास्पद बयान

Summary :

कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने फेसबुक पर महिलाओं के कौमार्य पर टिप्पणी करके और फिर उसका बचाव करके विवाद खड़ा कर दिया है।

कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने फेसबुक पर महिलाओं के कौमार्य पर टिप्पणी करके और फिर उसका बचाव करके विवाद खड़ा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय के प्रोफेसर कनक सरकार ने रविवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में महिला के कौमार्य की तुलना ‘सीलबंद बोतल’ या ‘पैकेट’ से की जिससे सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया।

प्रोफेसर सरकार ने अपनी पोस्ट को हटा दिया, लेकिन इसका स्क्रीनशॉट वायरल हो गया। छात्र संगठनों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलपति सुरंजन दास को ज्ञापन सौंपा और सरकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रोफेसर ने अपनी पोस्ट में लिखा, ”क्या आप टूटी हुई सील वाली शीतलपेय की बोतल या बिस्किट का पैकेट खरीदना पसंद करेंगे? यही स्थिति आपकी पत्नी के साथ है।”

उन्होंने कहा, ”कोई लड़की जन्म से जैविक रूप से सील्ड होती है जब तक कि इस सील को खोला नहीं जाता। कुंवारी लड़की का मतलब मूल्य, संस्कृति, यौन संबंधी स्वास्थ्य से जुड़ी कई चीजों का होना है। अधिकतर लड़कों के लिए कुमारी पत्नी फरिश्ते की तरह है।”

kanak sarkar

 

प्रोफेसर के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया। कई तबकों की ओर से इसकी आलोचना की गयी। इस पर सरकार ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि यह सोशल मीडिया पर दोस्तों के समूह के बीच ‘मस्ती’ के लिए किया गया था, सार्वजनिक रूप से नहीं। उन्होंने कहा, ”किसी ने पोस्ट का स्क्रीनशॉट ले लिया और आगे बढ़ा दिया जिसके बाद जवाब देना पड़ा। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना या किसी महिला को बदनाम करना नहीं था।”

Desk Team