मुंबई की एक विशेष मकोका अदालत ने प्रत्यर्पित गैंगस्टर राजेंद्र निकल्जे उर्फ छोटा राजन और छह अन्य को रियल एस्टेट डेवलपर की हत्या का प्रयास करने का दोषी पाया और उन्हें 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुंबई में मंगलवार को महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) की विशेष अदालत ने रियल एस्टेट डेवलपर अजय गोसलिया की हत्या के प्रयास के मामले में राजन और उसके सहयोगियों को कौशिक राजगौर, अरविंद उर्फ अरण्या शिंदे, सुनील कुमार उर्फ पीयूष, विलास भारती, प्रकाश उर्फ पाक्या, रोहित उर्फ सतीश कालिया पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। राजन को 2015 में इंडोनेशिया के बाली से प्रत्यर्पित किया गया था।
सीबीआई ने 7 अप्रैल, 2016 को महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर और केंद्र सरकार से आगे की अधिसूचना पर मामला दर्ज किया था और मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। यह मामला मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। यह आरोप लगाया गया था कि 28 अगस्त, 2012 को एक साजिश के तहत तीन अज्ञात व्यक्तियों ने रियल एस्टेट डेवलपर अजय गोसलिया और शिकायतकर्ता अरशद शेख की हत्या के इरादे से उन पर रिवाल्वर से गोलियां चलाई थीं।
हमले में गोसलिया गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में यह मामला डीसीबी, सीआईडी, मुंबई को स्थानांतरित कर दिया गया। जांच के बाद, डीसीबी, सीआईडी, मुंबई ने मकोका की विशेष अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया और बाद में पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया।
अधिकारी ने कहा कि मामला अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने इसकी विस्तृत जांच की और अतिरिक्त सबूत के साथ 15 मार्च, 2018 को मकोका अदालत के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।


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