हिंदू देवी-देवताओं पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शनिवार की देर रात केंद्रीय जेल इंदौर से जमानत पर रिहा कर दिया गया। फारुकी लगभग एक माह से इंदौर के केंद्रीय जेल में बंद थे।
फारुकी को इंदौर में देवी देवताओं के खिलाफ कथित तैार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद फारुकी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद फारुकी को मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय से जमानत नहीं मिली थी, जिस पर फारुकी सर्वोच्च न्यायालय गए थे। शुक्रवार को अंतरिम जमानत का आदेश हुआ मगर रिहाई नहीं हुई।
बताया गया है कि फारुकी के परिजनों ने सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका लगाई। इसकी सुनवाई पर सर्वोच्च न्यायालय ने तुरंत रिहाई के आदेश दिए। जिसके बाद शनिवार की देर रात फारुकी को रिहा कर दिया गया। बता दें कि एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत पर तुकोगंज थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 269 (ऐसा लापरवाही भरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो) और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।


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