पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में हुई हिंसा को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के बयान पर विवाद शुरू हो गया है। चुनाव आयोग ने दिलीप घोष को नोटिस जारी कर बुधवार सुबह 10:00 बजे तक जवाब मांगा है। वहीं टीएमसी ने घोष की गिरफ्तारी की मांग की है।
दरअसल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कूचबिहार फायरिंग में मारे गए 4 लोगों को शरारती तत्व करार दिया था। दिलीप घोष ने रविवार को कहा, ‘सितालकुची में शरारती लड़कों को गोलियां लगी हैं। यदि कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो उसके साथ भी ऐसा हो सकता है।’
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तृणमूल कांग्रेस ने दिलीप घोष को गिरफ्तार करने की मांग की है। टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर राय ने कहा, “ये पूरी तरह से भड़काऊ भाषण है। इस तरह के भड़काऊ भाषण और उकसावे वाले भाषण के लिए अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और दिलीप घोष को गिरफ्तार करना चाहिए।
बता दें कि शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान सितालकुची में एक पोलिंग बूथ के बाहर भीड़ ने सीआईएसएफ पर हमला कर दिया था। इस दौरान बचाव में केंद्रीय बल के जवानों ने फायरिंग कर दी थी, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। सीआईएसएफ का कहना है कि कुछ उपद्रवी तत्व जवानों की राइफलें छीनने का प्रयास कर रहे थे और घातक हथियारों से हमला किया था।


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