रामनगर : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के पिथौरागढ़ में छात्रों के आंदोलन की जांच कराने के बयान को ओछी मानसकिता बताया है। गुरुवार को वह गैरसैंण जाते समय रामनगर में रुके थे। एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से मुखातिब रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री को किताबें और शिक्षक की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन वह आंदोलन को बाहरी बताकर उसमें राजनीति की आशंका जता रहे हैं।
यह उच्च शिक्षा मंत्री का ओछा व छोटा बयान है। पूर्व सीएम ने कहा कि गैरसैंण में राजधानी की मांग के लिए धरना दे रहे पैंतीस आंदोलनकारियों पर सरकार ने मुकदमें करा दिए। आंदोलनकारियों ने अपनी गिरफ्तारी दी है। वह भी शुक्रवार को गैरसैंण पहुंचकर आंदोलनकारियों के समर्थन में अपनी गिरफ्तारी देंगे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी एक दो दिन में गिरफ्तारी देने गैरसैंण जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस के गैरसैंण एजेंडे को ठप कर दिया। सचिवालय भवन सड़कें व आवासीय भवन का काम बंद है।
कांग्रेस ने गैरसैंण में जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगाई थी। लेकिन भाजपा सरकार ने यह रोक हटा दी है। कहा कि कांग्रेस को। समस्याओं के लिए संघर्ष व लोंगों से संपर्क जीत दिलाएगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए युवा चेहरा नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।


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