आंध्र प्रदेश में एक बड़ी हलचल सी मच गयी है। जी हाँ आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू को राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग ने शनिवार को कौशल विकास निगम भ्रष्टाचार के मामलेे में नंद्याल जिले में गिरफ्तार कर लिया। टीडीपी प्रमुख को पुलिस उपाधीक्षक एम.धनंजयडु के नेतृत्व में सीआईडी टीम ने सुबह करीब छह बजे गिरफ्तार किया।नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता एकत्र हुए, इसलिए इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
लगी ये धाराएं
टीडीपी प्रमुख को भेजे गए नोटिस में लिखा है की “आपको सूचित किया जाता है कि धारा 120 (बी), 166, 167, 418, 420, 465, 468, 471, 409 के तहत , 201, 109 आर/डब्ल्यू 34 और 37 आईपीसी और सीआईडी की धारा 12, 13 (2) आर/डब्ल्यू 13 (1) (सी) और (डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1998 के तहत आपको गिरफ्तार किया जाता है।”नोटिस के अनुसार, नायडू को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह एक गैर-जमानती अपराध है।
नोटिस में कहा गया है कि वह केवल अदालत के माध्यम से जमानत मांग सकते हैं।
चंद्रबाबू नायडू ने किये थे 3,300 करोड़ रुपए के समझौते पर हस्ताक्षार
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में 2014 में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी सरकार ने कॉर्पोरेट दिग्गजों के एक संघ के साथ 3,300 करोड़ रुपये के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।कौशल विकास के लिए छह उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का शासनादेश भी जारी किया गया।2017 में, जीएसटी-इंटेलिजेंस पुणे की कर जांच शाखा ने घोटाले का खुलासा किया।जांच के दौरान, सीआईडी अधिकारियों ने पाया कि परियोजना के लिए कोई निविदा नहीं बुलाई गई थी, और कॉर्पोरेट दिग्गज जो कौशल केंद्र स्थापित करने के लिए सहमत हुए थे, उन्होंने परियोजना पर अपने स्वयं के संसाधनों से एक भी रुपया खर्च नहीं किया था। इसके बजाय आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा परियोजना लागत के 10 प्रतिशत के अपने हिस्से के रूप में, निवेश किए गए 371 करोड़ रुपये की राशि का एक बड़ा हिस्सा निकाल लिया गया था


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