गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत विधानसभा में दलबदल को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए विधेयक पेश करेंगे। साल 2017 से बीजेपी में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ने के वाले 13 विधायकों के मामले में विपक्ष के नेता कामत दलबदल को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए मौजूदा दलबदल विरोधी कानून में महत्वपूर्ण बदलाव की मांग करते हुए एक प्राइवेट मेंबर प्रस्ताव को पेश करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री कामत ने यह भी कहा कि दलबदल के संकट को केवल क्रांतिकारी कदम उठाकर ही समाप्त किया जा सकता है। कामत ने कहा, “लोगों के प्रति प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि की जवाबदेही और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। दलबदल को समाप्त करने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने का समय आ गया है। एक दल से दूसरे दल में दलबदल को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए दल-बदल विरोधी कानून में महत्वपूर्ण बदलाव की मांग करते हुए गोवा विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करके मैं बदलाव लाने के लिए पहला कदम उठा रहा हूं।”
राज्य विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से आहूत किया गया है। कामत ने कहा कि दल-बदल से लोकतांत्रिक कामकाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए कांग्रेस राज्यव्यापी अभियान चलाएगी। उन्होंने आगे यह भी कहा कि यह अभियान लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के बारे में प्रबुद्ध भी करेगा और उन्हें अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों को मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश के प्रति जवाबदेह और जिम्मेदार ठहराने के लिए प्रेरित करेगा।


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