हल्द्वानी : राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार ने उच्च न्यायालय में गलत तथ्य पेश किए हैं। जिन दस्तावेजों के आधार पर उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया है वह मोदी सरकार के तथ्यविहीन व गढ़े हुए हैं। राफेल सौदे में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से केंद्र सरकार के सामने बुनियादी सवाल खड़ा हो गया है।
यह बात यहां नैनीताल रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सीएम हरीश रावत ने कही। हरदा ने कहा कि मोदी सरकार ने विमान खरीदने के लिए ऐसी कंपनी के साथ करार किया, जिसने कभी कागज के जहाज तक नहीं बनाए। कंपनी को 526 करोड़ के लड़ाकू विमान के लिए 1670 करोड़ का भुगतान किया।
लड़ाकू विमान खरीदने की अग्रणी कंपनी एचएएल को किनारे कर दिया। उन्होंने कहा कि राफेल सौदे पर मोदी सरकार गोपनीयता की आड़ में सुप्रीम कोर्ट की स्कूटनी से बच सकती है, परंतु जनता की स्कूटनी से नहीं बच सकती। कांग्रेस राफेल सौदे को लेकर सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी।
किसानों की समस्याओं पर उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए हरदा ने कहा कि पहले सरकार किसानों से धान नहीं खरीद पाई और अब गन्ने का खरीद मूल्य तक घोषित नहीं कर पा रही है। किसान औने-पौने दामों पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वह किसानों की मांगों के समर्थन में एक दिन का उपवास करेंगे।
यदि इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो उग्र आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। वार्ता में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक करन महरा, पूर्व विधायक नारायण पाल, ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
मानसिक विकलांग हैं राहुल गांधी
– संजय तलवाड़


Download Android App
Download iOS App



