विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुशंसित नवीनतम संशोधित वेतनमान को लागू करने की मांग कर रहे शिक्षकों ने काम रोको हड़ताल कर रखी है, जिसके कारण जादवपुर विश्वविद्यालय में लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी कक्षाएं नहीं लगीं। शिक्षक राष्ट्रीय शैक्षिक नीति-2019 के मसौदे को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं।
जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोशिएशन (जेयूटीए) के महासचिव पार्थ प्रतिम रॉय ने कहा, “जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोशिएशन, ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोशिएशन (जादवपुर चैपटर) और पश्चिम बंगाल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोशिएशन (जादवपुर) की काम रोको हड़ाता का व्यापक असर रहा।”
रॉय ने कहा, “चारों स्थानों पर एक भी कक्षाएं नहीं चलीं।” करीब 450 शिक्षक मंगलवार से विरोध प्रदर्शन पर हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने विभिन्न विश्वविद्यालय निकायों में प्रतिनिधि चुने जाने और कानून में संशोधन के प्रावधानों को लागू करने की भी मांग की है।


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