मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने आज कहा कि शहर के सुनियोजित विकास की योजना से जुड़ भोपाल शहर का मास्टर प्लान (भोपाल विकास योजना 2031) लगभग पैंतीस लाख की आबादी मानकर तैयार किया गया है और इसमें हरे क्षेत्र को संरक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
सिंह ने यहां मास्टर प्लान का मसौदा जारी करते हुए पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे और विभाग के आयुक्त पी नरहरि भी मौजूद थे। मंत्री श्री सिंह ने मास्टर प्लान के प्रमुख बिंदुओं के बारे में बताते हुए कहा कि पिछली बार मास्टर प्लान 1995 में जारी किया गया था और 25 सालों बाद नया मास्टर प्लान जारी किया जा रहा है।
वर्तमान में शहर की आबादी 20 लाख के आसपास है। माना जा रहा है कि वर्ष 2031 तक शहर की आबादी पैंतीस लाख के आसपास हो जाएगी। इस स्थिति में शहर में कौन सी सुविधाएं होनी चाहिए और शहर का विकास कैसा हो, यह सब योजना इस मास्टर प्लान में दर्शायी गयी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शहर में एक महत्वपूर्ण‘रिंग रोड’होती है, लेकिन भोपाल शहर में अभी तक नहीं है। नए मास्टर प्लान में रिंग रोड का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा शहर की हरियाली बचाने, झीलों के संरक्षण के लिए झील विकास प्राधिकरण बनाने और हेरिटेज संपदा को संरक्षित करने के लिए आवश्यक प्रावधान भी इसमें किए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि शहर में स्मार्ट सिटी क्षेत्र में निर्माण कार्य के कारण कई पेड़ काटे गए हैं। इस प्लान में सिर्फ स्मार्ट सिटी क्षेत्र में ही 50 हजार पेड़ लगाने का प्रावधान किया गया है। मास्टर प्लान का प्रारुप आम लोगों के लिए विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। अब इस पर आम लोगों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित किए गए हैं। एक निर्धारित प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद इसे आवश्यक संशोधनों के साथ लागू करने पर विचार किया जाएगा।


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