मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना के दौरान मतगणना केंद्रों में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंत्री सिर्फ उस मतगणना केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे जिस क्षेत्र से वे विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय से दी गई जानकारी के अनुसार, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य एवं केंद्र शासन के मंत्रियों अथवा राज्य मंत्रियों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
मंत्री केवल उस मतगणना केंद्र में प्रवेश पा सकेंगे जहां से वे स्वयं उम्मीदवार हों। सीईओ कार्यालय के अनुसार, मंत्री के उम्मीदवार होने के बावजूद उनके साथ सुरक्षा के लिए तैनात सशस्त्र जवानों को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
निर्वाचन आयोग ने अपने निर्देशों में यह भी कहा है कि केंद्र एवं राज्य शासन के मंत्री अथवा राज्य मंत्री के साथ सशस्त्र सुरक्षा जवान होते हैं इसलिए उनको किसी उम्मीदवार का चुनाव अभिकर्ता (एजेंट) या गणना अभिकर्ता (एजेंट) भी नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। ज्ञात हो कि राज्य में 28 नवंबर को मतदान हुआ है और मतगणना 11 दिसंबर को होने वाली है। मतगणना से पहले ईवीएम के देर से पहुंचने और कुछ स्थानों पर बिजली गुल होने की शिकायतों ने चुनाव आयोग के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं।


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