मद्रास हाईकोर्ट ने क्राइम ब्रांच क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीबीसीआईडी) को सुराणा कॉर्पोरेशन लिमिटेड से केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जब्त किए 400.47 किलोग्राम सोने में से गायब हुए 103.864 किलोग्राम सोने की जांच के आदेश दिए हैं। यह 103.864 किलोग्राम सोना तब गायब हुआ, जब इसे सुराणा कॉर्पोरेशन के परिसमापक (लिक्विडेटर) को सौंपा गया था। हाईकोर्ट का फैसला शुक्रवार को आया है।
सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जब कई साल पहले इसे जब्त किया गया था, तो उस दौरान इसे इकट्ठा तौला गया था और जब परिसमापक को यह सौंपा गया, तो हर एक चीज का वजन अलग-अलग से नापा गया। इस वजह से अंतर है।
सीबीआई के मुताबिक, जब्त किए गए सोने को सुराणा कॉर्पोरेशन के वॉल्ट में रखा गया था और इसकी चाबी एक विशेष अदालत को सौंप दिया गया था।
सीबीसीआईडी की जांच के खिलाफ सीबीआई ने यह कहते हुए आपत्ति जताया था कि इससे संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी इस आपत्ति को खारिज कर दिया और यह कहते हुए जांच के आदेश दिए कि सभी पुलिसकर्मियों पर भरोसा किया जाएगा। अदालत ने परिसमापक सी. रामासुब्रमण्यम को सीबीसीआईडी के साथ शिकायत दर्ज करने का भी आदेश दिया है।


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