लोकसभा में पारित किए गए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) विधेयक 2019 के खिलाफ देशभर में जारी डॉक्टरों की हड़ताल के प्रति एकजुटता दिखाते हुए गुजरात में बुधवार को 28,000 से अधिक डॉक्टरों ने हड़ताल की। विधेयक में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के स्थान पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की स्थापना का प्रावधान है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एनएमसी विधेयक को ‘गरीब-विरोधी, छात्र-विरोधी और गैर-लोकतांत्रिक’ करार देते हुए इसके खिलाफ पूरे देश में गैर-जरूरी सेवाओं को 24 घंटे के लिए बंद करने का आह्वान किया था।
आईएमए गुजरात के अनुसार राज्य में बुधवार सुबह छह बजे शुरू हुई हड़ताल में 28,000 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।
एसोसिएशन के प्रदेश सचिव डॉ. कमलेश सैनी ने कहा, ‘‘ यह पूर्ण हड़ताल नहीं है। हमें लगता है कि आज सुबह 28,000 डॉक्टरों ने गुजरात में हड़ताल में हिस्सा लिया और देशभर में जारी डॉक्टरों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाई।’’
गौरतलब है कि लोकसभा में सोमवार को विधेयक पारित होने के बाद से हजारों डॉक्टर देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। विधेयक में चिकित्सा शिक्षा, पेशे और संस्थानों के सभी पहलुओं के विकास और विनियमन के लिए एमसीआई के स्थान पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की स्थापना का प्रावधान है।


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