महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में सोमवार को शपथ लेने वाले नए मंत्रियों ने आपसी तालमेल और गठबंधन धर्म के हिसाब से काम करने की बात कही। शिवसेना के एक मंत्री ने कहा कि विभागों का बंटवारा सोमवार को ही किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के करीब एक महीने बाद उद्धव ठाकरे ने 26 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों को शामिल कर अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार किया। शपथ लेने के बाद कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने कहा कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस तालमेल से काम करेंगी।
देशमुख ने माना कि मंत्रिपरिषद के विस्तार में देरी हुई। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी तीनों दल मिलकर काम करेंगे। यह सच है कि हमें सरकार गठन करने, कैबिनेट विस्तार में समय लगा। तीनों दलों और उनके नेताओं के बीच पूरा सहयोग रहेगा।’’
पहली बार कैबिनेट मंत्री बने शिवसेना नेता अनिल परब ने कहा कि वह शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के बताए मार्ग का अनुसरण करेंगे। कांग्रेस की एक अन्य मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने उम्मीद जताई कि विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने में पूर्व की कांग्रेस-राकांपा सरकार में मंत्री रहने के उनके अनुभव को देखा जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं एआईसीसी में रह चुकी हूं। मुझे उम्मीद है कि (विभागों के बंटवारे में) पूर्व की सरकार के अनुभव पर ध्यान दिया जाएगा।’’ पहली बार मंत्री बन रहे राकांपा नेता जितेंद्र अव्हाद ने कहा कि वह अब लोगों के लिए ठीक से काम कर पाएंगे। नवनियुक्त 36 मंत्रियों में से 14 राकांपा के, 12 शिवसेना के और 10 कांग्रेस के हैं। मुख्यमंत्री ठाकरे के साथ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के दो-दो सदस्यों ने 28 नवंबर को शपथ ली थी।


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