जोशीमठ : औली की ढलान में वर्ष 2010 में तैयार अन्तरराष्ट्रीय स्तर के फिस स्कीईंग स्लोप में चहलकदमी करने पर अब किसी को टैक्स नहीं देना होगा। जन दबाव को देखते हुए जीएमवीएन ने 24 घंटे के अंदर ही अपने निर्णय को वापस ले लिया है। 9 जनवरी की देर सांय गढ़वाल मंडल विकास निगम ने एक आदेश जारी कर अन्तरराष्ट्रीय स्कीईंग स्लोप औली में जाने वाले वयस्क पर्यटक से 500, अवयस्क से 200, स्थानीय वयस्क से 200, अवयस्क से 100 रुपये लेने का फरमान जारी किया था।
जीएमवीएन के इस निर्णय के खिलाफ शुक्रवार को औली में स्थानीय लोगों एवं स्कीयर्स में खासा अक्रोश देखा गया। लोगों ने औली में जुलूस प्रदर्शन किया व विरोध स्वरूप सुबह ग्यारह बजे से डेढ़ बजे तक चियर लिफ्ट को नहीं चलने दिया। लोगों का आरोप था कि जीएमवीएन के इस निर्णय से पर्यटक हतोत्साहित होंगे व स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
विरोध कर रहे लोगों से जीएमटी जीएमवीएन बीएल राणा ने मुलाकात कर लोगों को आश्वस्त किया कि जीएमवीएन का उद्देश्य बेहतरीन स्लोप को आम आवाजाही से रोकते हुए इसे क्षतिग्रस्त होने से बचाना है। पर्यटकों की चहलकदमी के कारण स्लोप खराब हो रहा है। स्लोप जो स्कीयर्स के लिए है, में बर्फ जल्दी पिघल रही है।
स्थानीय निवासी जयदीप नेगी, विवेक पंवार, शैलेश पंवार, कुलदीप, नवीन, अखिलेश आदि ने कहा कि आठ वर्ष बीतने के बाद भी जीएमवीएन इस तैयार स्लोप को संवार नहीं पाया है। बर्फ पड़ने के बाद पता नहीं चलता है कि मुख्य स्लोप कहां है और बुग्याली ढलान कहां है, जिस कारण से पर्यटक मुख्य स्लोप तक पहुंच जाते हैं।


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