कांग्रेस राज में लोगों को ‘मामा’ याद आ गए : शिवराज

Summary :

शिवराज सिंह चौहान पहले लोकसभा चुनावों की बात करते हैं और कहते हैं कि भाजपा अपने दम पर देश में 300 सीटें टच करेगी, एनडीए के साथ पक्ता 300 पार होंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भी माहौल बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले लोकसभा चुनावों की बात करते हैं और कहते हैं कि भाजपा अपने दम पर देश में 300 सीटें टच करेगी, एनडीए के साथ पक्ता 300 पार होंगे। मध्यप्रदेश में ही वह 26 सीटें गिन रहे हैं। बड़े ही विश्वास के साथ शिवराज सिंह कह रहे हैं कि केन्द्र में मोदी की सरकार बन रही है, इसमें कोई शक शुबा नहीं है।

मध्यप्रदेश में भाजपा को विधानसभा चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा था, लेकिन मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपनी इस हार को लोकसभा चुनावों के लिए वरदान बता रही है। इसके पीछे शिवराज सिंह का तर्क है कि चार महीने में मध्यप्रदेश की जनता यह समझ गई है कि कांग्रेस को जिता कर उन्होंने गलती कर दी। अब उन्हें ‘मामा’ याद आ रहे हैं। वास्तव में ​मध्यप्रदेश के लोग शिवराज सिंह को ‘मामा’ के नाम से भी पुकारते हैं।

लोकसभा चुनावों में एमपी की कमलनाथ सरकार से कांग्रेस को कितना फायदा पहुंचेगा?
कमलनाथ की कांग्रेस सरकार किसानों का ऋण माफ करने का वादा करके सरकार में आई थी, लेकिन किसानों से जाकर पूछों की उनका ​कितना कर्ज माफ हुआ? उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई सभी जनकल्याण की योजनाओं को नई सरकार ने बंद कर दिया। इससे गरीबों में गुस्सा है।

विदिशा से इस बार सुषमा स्वराज चुनाव नहीं लड़ रही हैं, वहां क्या माहौल है, आप सीट से आप क्यों नहीं उतरे?
विदिशा को अपना घर है। हम लोग वहां से सौ फीसदी जीत रहे हैं। जहां तक मेरा सवाल है तो मैं प्रदेश में तीन बार मुख्यमंत्री रहा हूं। अभी तो सड़क पर संघर्ष करने की आवश्यकता है। ऋण माफ करने का वादा करके सरकार में आई थी, लेकिन किसानों से जाकर पूछों की उनका ​कितना कर्ज माफ हुआ? उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई सभी जनकल्याण की योजनाओं को नई सरकार ने बंद कर दिया। इससे गरीबों में गुस्सा है।

जब भाजपा ने इतना काम किया है तो फिर अंतिम समय में राष्ट्रवाद का मुद्दा कहां से आ गया?
राष्ट्रवाद का मुद्दा तो हर बार होता है। क्या आतंकवाद को सहते रहेंगे। पाकिस्तान हमारे सैनिक का सिर काट कर ले जाते हैं और हम कुछ न करें। अब अगर मोदी जी उनसे इसका बदला लेते हैं तो क्या केवल मोदी जी का सीना चौड़ा होता है, नहीं पूरे देश का सीना 56 इंच का होता है। फिर राष्ट्र सुरक्षा और राष्ट्र स्वाभिमान क्यों नहीं मुद्दा होना चाहिए। हम तो कहेंगे कि इसे मुद्दा होना चाहिए।

– सतेन्द्र त्रिपाठी

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